हम तो प्रजा का प्रजा ही रह ग्यां लोकतंत्र मा
तुम जन सेवक राजा व्हैग्या राजा लोकतंत्र मा। जनता सढ़कियों में भ्रष्टाचार से लड़नी, और तुम भ्रष्टाचार में साझा व्हैग्या लोकतंत्र मा। फल फूललू जब राजा हमारू चैन से खाला, फल लगनी काचा खा ग्या लोकतंत्र मा। तुम्हरे ही परिजन छन यख नौकरियां काबिल, हम बल काम न काजा का व्हैग्या लोकतंत्र मा। करनी धरनी कुछ नी तुम बस भौंपू बजौंदा, नेता जी तुम ता बाजा व्हैग्या लोकतंत्र मा। अब न चलण दियोला तुम्हरी धांधलबाजी, अलसे गै छा ताजा व्हैग्या लोकतंत्र मा।
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