देहरादून के परेड ग्राउंड में नरेंद्र मोदी कांग्रेस सरकार पर जमकर बरसे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि रामदेव के खिलाफ उपयोग की जा रही शक्ति को आपदा प्रभावितों की मदद के लिए उपयोग किया जाता तो लोगों को काफी मदद मिलती।
नरेंद्र मोदी के संबोधन के प्रमुख अंशः
- अपने संबोधन में नरेंद्र मोदी ने कहा कि शासन में कोई अपना पराया नहीं होता सब अपने होते हैं। सबका हित सोचना
चाहिए।
- उत्तराखंड की जवानी और पानी काम नहीं आते, लेकिन अगर भाजपा को मौका दिया गया तो वह काम आएगी।
- उत्तराखंड के पहाडों में पानी होने के बाद भी प्रदेश अंधकार में डूबा हुआ है। विज्ञान से उत्तराखंड की सूरत बदली जा सकती है लेकिन यहां की सरकार इसके लिए तैयार नहीं है।
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- यहां टूरिज्म के लिए काफी संभावना हैं, लेकिन सरकार हाथ पर हाथ धरी बैठी है।
- उत्तराखंड में यात्रा के लिए रेल सुविधाएं बढ़ाए जाने की जरूरत है। इससे राज्य की आय बढ़ेगी।
- उत्तराखंड सदियों से 'एसईजेड' स्प्रीचुअल एनवायरमेंट जोन है। टूरिज्म के लिए इस पर जोर दिया जाना चाहिए।
- संभावना होने के बाद भी एडवेंचर टूरिज्म के लिए स्कूल नहीं बनाए गए। संभावना होते हुए भी लोगों को रोजगार के लिए बाहर जाना पड़ रहा है।
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- यह ऐसी भूमि है जो देश को सुरक्षा के लिए तैयार कर सकती है। सेना में कुमाऊं-गढ़वाल के जवान सैनिक से अफसर बन सकते हैं। लेकिन वीरता का स्वभाव रखने वाले लोगों के लिए यहां स्कूल कॉलेज नहीं।
- पहाडों में युवतियों का घर चलाने में अधिक योगदान देती हैं। उन्हें हैंडी्क्राफ्ट, लघु उद्योग में ट्रेन करना चाहिए।
- केंद्र सरकार को लोगों की चिंता नहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बेहद निष्ठुर है। प्रदेश में आपदा से लोग कराह रहे हैं और इन्हें लोकपाल की पड़ी है।
- मोदी ने खंडूरी की तारीफ करते हुए कहा कि खंडूरी के शासन काल में उत्तराखंड में मील का पत्थर साबित होने वाले लोकपास कानून बनाया गया।
- पांच राज्यों में हुए विधान सभा चुनाव के नतीजों ने यह साफ कर दिया है कि हवा किस ओर है और कांग्रेस मुक्त भारत से इसकी शुरुआत हो चुकी है।
- उन्होंने जनता से कहा कि प्रयोग बहुत किए एक बार भरोसा कर लीजिए।
- आखिर में नरेंद्र मोदी ने वंदेमातरम् के उद्घोष के साथ रैली में आए लोगों को सिर झुकाकर धन्यवाद कहा।