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PM बनने के बाद मोदी ने निभाया रामदेव से किया वादा

Tue, 24 Jun 2014 05:25 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार
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योग गुरु स्वामी रामदेव ने कालेधन की वापसी का रास्ता खुलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों से कालेधन के खिलाफ उनका आवाज उठाना सार्थक रहा।
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अब विशेष जांच दल (एसआईटी) शीघ्र ही उन लोगों का खुलासा कर देगा, जो देश की गाढ़ी कमाई लूट कर विदेशों में जमा करते हैं।

स्वामी रामदेव ने पतंजलि योगपीठ में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा केवल स्विट्जरलैंड ही नहीं, अपितु 70 देशों में हवाला सहित कईं अन्य माध्यमों से गया कालाधन जमा है।

विदेशी बैंकों का काम है कालाधन जमा करना

इनमें मॉरीशस, इटली, दुबई, लग्जमबर्ग, जर्मनी, सिंगापुर, ब्रिटेन, अमेरिका, स्पेन, बहामास, सेंट किट्स, फ्रांस, स्वीडन आदि देशों के बैंक शामिल हैं।

देश के अंदर कुल कालेधन का 25 प्रतिशत छिपा हुआ है। इसका भी पता लगाना होगा। स्वामी रामदेव ने कहा कि विदेशी बैंकों का 75 प्रतिशत कार्य कालाधन जमा करना है।

यही वजह है कि दुनिया के तमाम देशों से उनके पास कालाधन पहुंचता है। फारेन इंवेस्टमेंट के रूप में मारीशस होते हुए कालाधन पुन: भारत लौटता है।

काले धन से पश्चिमी देश हुए विकसित

विदेशों में जमा भारत के काले धन से पश्चिमी देश विकसित हो गए हैं। यह धन अगर यहां खर्च होता तो देश की सूरत बदल जाती।

ग्लोबल हंगर रिपोर्ट के अनुसार भारत में एक घंटे में 883 लोग भूख और कुपोषण से मर रहे हैं जबकि घोटालों के माध्यम से देश का धन विदेशों में जमा करने वाले मौज उड़ा रहे हैं।

भ्रष्टाचार मिटाने वाली संसद

बाबा रामदेव ने कहा कि सौभाग्य से ऐसी संसद आ गई है जिसने चुनाव पूर्व भ्रष्टाचार मिटाने का वादा किया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शपथ ग्रहण करते ही पहली आवाज के रूप में कालेधन का मुद्दा उठाया।

अब निश्चय ही भ्रष्टाचार का अंत होगा और देश ऊंचे मुकाम पर पहुंचेगा।
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कारोबार की न हो इजाजत

बाबा ने कहा कि जो बैंक अपने देशों में भारत का कालाधन जमा करते हैं, उन्हें भारत में कारोबार की अनुमति नहीं देनी चाहिए।

नई सरकार से मांग है कि यदि ऐसे बैंकों की शाखाएं भारत में खोली गई हों तो उन्हें तत्काल बंद किया जाए।

ओवर इंवायसिंग, अंडर इंवायसिंग तथा हवाला करोबार पर कड़ा अंकुश लगाना होगा।
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