जिम कॉर्बेट पार्क को नेशनल पार्क बनाने की घोषणा भी यहीं से हुई थी। 1972 में तत्कालीन वन मंत्री डॉ. कर्ण सिंह ने ढिकाला रेंज के अपने दौरे पर ही कॉर्बेट पार्क को टाइगर रिजर्व का दर्जा देने की घोषणा की थी।
पार्क में राजनीतिक बंदी होते थे नजरबंद
हल्द्वानी। जिले का कॉर्बेट नेशनल पार्क राजनीतिक कैदियों की नजरबंदी के लिए मशहूर रहा है। यहां पर 80-90 के दशक में राजनीतिक बंदियों को रखा जाता था। 1990 में पंजाब में राजनीतिक संकट के दौरान कॉर्बेट पार्क में प्रकाश सिंह बादल और सुरजीत बरनाला को भी करीब एक माह तक नजरबंद रखा गया था। करीब एक माह बाद दोनों राजनेताओं को रिहा किया गया था।