चुनावी रणभूमि में चल रही स्टारवार में मोदी की मांग बढ़ रही है, उत्तराखंड में उनकी चार रैलियां तय होने के बावजूद ‘एक और’ की गुहार की जा रही है।
दूसरी ओर सोनिया की सेहत के ऐन वक्त दगा देने से कांग्रेस की परेशानी बढ़ गई है। अभी यहां सोनिया और राहुल की रैलियां तय तक नहीं हुईं हैं।
प्रदेश कांग्रेस के नेता यह कहकर तसल्ली दिला रहे हैं कि उत्तराखंड में चुनाव दूर हैं, इसलिए यहां के प्रचार पर फिलहाल कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
24 को तय होगा सोनिया, राहुल की रैलियां का खाका
पहले से ही सत्ता विरोधी माहौल का सामना कर रही कांग्रेस की परेशानी पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के अचानक बीमार हो जाने से और बढ़ गई है।
सोनिया के खराब स्वास्थ्य के कारण पार्टी के चुनाव प्रचार कार्यक्रम पर असर पड़ना शुरू हो गया है। रविवार को अस्वस्थ होने के कारण कांग्रेस अध्यक्ष को अपना महाराष्ट्र दौरा रद्द करना पड़ा।
उनकी जगह महाराष्ट्र गए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को रविवार को ही सोनिया के संसदीय क्षेत्र में प्रचार करने का कार्यक्रम टालना पड़ा।
24 अप्रैल के बाद गति पकड़ेगा कांग्रेस का प्रचार
उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला के मुताबिक प्रदेश में पार्टी का प्रचार 24 अप्रैल के बाद और गति पकड़ेगा।
स्टार प्रचारकों के कार्यक्रम और प्रचार की रणनीति को लेकर बैठक बुलाई गई है। 24 की बैठक में तय होगा कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी की रैलियां कब और कहां होनी हैं।
उत्तराखंड में सात मई को वोटिंग है, इसलिए कहा जा रहा है कि सोनिया की फिलहाल अस्वस्थता का यहां खास फर्क नहीं पड़ेगा।
कांग्रेस हालांकि सोनिया के स्वास्थ्य के संबंध में अधिक जानकारी देने से इंकार कर रही है। मगर पार्टी के कई नेता मानते हैं कि चरम पर पहुंचे चुनाव प्रचार के दौरान उनका बीमार होना नई परेशानी पैदा कर रहा है।
ज्यादा मांग सोनिया की
उल्लेखनीय है कि भले ही राहुल अघोषित रूप से पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं, मगर बतौर स्टार प्रचारक अभी भी सबसे ज्यादा मांग सोनिया की ही है।
पार्टी के नेता इस बात से चिंतित हैं कि अगर सोनिया जल्द स्वस्थ न हुईं तो पार्टी के चुनाव प्रचार कार्यक्रम पर बेहद प्रतिकूल असर पड़ेगा।
वैसे भी अस्वस्थ होने के कारण सोनिया महाराष्ट्र में रविवार को ही प्रस्तावित धुले, नंदुरबार और मुंबई में चुनावी रैलियों को संबोधित नहीं कर पाईं। सोनिया की भरपाई के लिए पार्टी ने वहां राहुल को भेजा।
इस कारण राहुल को अपना रायबरेली दौरा रद्द करना पड़ा। अगर सोनिया लंबे समय तक बीमार रहती हैं तो कांग्रेस के लिए अपने चुनाव प्रचार कार्यक्रम में व्यापक फेरबदल करना पड़ेगा।
राहुल पर आ सकता है चुनाव प्रचार का दारोमदार
पार्टी सूत्रों के मुताबिक अगर सोनिया जल्द स्वस्थ नहीं हुईं तो चुनाव प्रचार का पूरा दारोमदार राहुल गांधी पर आ जाएगा।
इस कारण राहुल के पहले से तय कार्यक्रम में अंतिम समय में फेरबदल करना बेहद मुश्किल होगा। वैसे भी भले ही राहुल अघोषित तौर पर पार्टी और चुनाव प्रचार की अगुवाई कर रहे हैं।
मगर सच्चाई यह है कि पार्टी के ज्यादातर उम्मीदवार अपने अपने इलाकों में राहुल की बजाय सोनिया की रैलियां करवाना चाहते हैं।
प्रियंका का रायबरेली दौरा भी रद्द
रायबरेली और अमेठी में सोनिया और राहुल के लिए पूरे जोरशोर से प्रचार में जुटीं प्रियंका गांधी ने भी अब सोमवार को रायबरेली में होने वाली अपनी सभाएं रद्द कर दी हैं।
हालांकि इसकी कोई वजह कांग्रेस की ओर से नहीं बताई गई है। प्रियंका सोमवार को रायबरेली के बछड़ावन क्षेत्र में 14 सभाएं करने वाली थीं।
रायबरेली में कांग्रेस नेता केएल शर्मा ने बताया कि अब प्रियंका मंगलवार को आएंगी और हरचंदपुर क्षेत्र में सभाएं करेंगी।
उत्तराखंड में मोदी की चार रैली तय
सोनिया गांधी की अस्वस्थता के चलते जहां कांग्रेस के प्रचार अभियान को झटका लगता दिख रहा है वहीं भाजपा के सितारों का उत्तराखंड में आगमन जल्द होने वाला है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार तक सभी नेता एक-एक कर देवभूमि आने वाले हैं। कुछ का समय भी तय हो गया है।
नरेंद्र मोदी की चार रैली फाइलन हो गई है। हालांकि इनकी तारीख अभी तय नहीं है। माना जा रहा है कि ये रैलियां 30 अप्रैल से 4 मई तक हो सकती हैं।
बदलाव नहीं हुआ तो रैलियां श्रीनगर, रुड़की, रुद्रपुर, अल्मोड़ा में होंगी।
राजनाथ सिंह व मनोज तिवारी भी आएंगे उत्तराखंड
फिलहाल मोदी की एक और रैली की डिमांड भेजी गई है। तीस अप्रैल को नितिन गड़करी हरिद्वार में जनसभा को संबोधित करेंगे।
इसके अलावा पांच अप्रैल को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह पिथौरागढ़ व हल्द्वानी में चुनावी रैली को संबोधित करेंगे।
भोजपुरी फिल्म अभिनेता मनोज तिवारी तीन मई को ऋषिकेश, टिहरी संसदीय सीट की देहरादून कैंट विधानसभा सीट के अलावा पंतनगर व रुद्रपुर में रैली को संबोधित करेंगे।