मंगलवार को ही अलंकृता मेडिकल स्टोर और गोदाम को सील कर दिया गया था। ड्रग इंस्पेक्टर नहीं होने के कारण प्रतिबंधित दवाओं की पहचान नहीं हो सकी थी। बृहस्पतिवार को तहसीलदार अमृता शर्मा, नैनीताल की ड्रग इंस्पेक्टर मीनाक्षी बिष्ट और एडीटीएफ के प्रभारी राजेश पांडेय की देखरेख में मेडिकल स्टोर और गोदाम की सील खोली गई।
मेडिकल स्टोर स्वामी प्रह्लाद मंडल निवासी भदईपुरा के सामने ही दवाओं की जांच की गई। गोदाम में प्रतिबंधित नशीली दवा की 7680 टैबलेट और 94 बोतल सिरप बरामद की गईं। एडीटीएफ ने आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक को प्रह्लाद को गिरफ्तार कर लिया है।
एडीटीएफ प्रभारी राजेश पांडेय ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह अपने चाचा सचिन मंडल के साथ मिलकर नशीली दवाएं बेचता था। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सचिन की भी तलाश की जा रही है।