कुछ दिन पहले दून अस्पताल में बेहोशी की हालत में एक युवक एक महिला को भर्ती करवा कर लापता हो गया। युवक उनका मकान मालिक बताया जा रहा है। चिकित्सीय जांच में महिला के दिमाग में खून का थक्का जमा होने का पता चला है। इसके लिए उसका ऑपरेशन होना जरूरी था। लेकिन, परिजनों के सामने नहीं आने पर ऑपरेशन नहीं हो पा रहा था।
अस्पताल प्रशासन इस संबंध में तीन बार शहर कोतवाली और मसूरी कोतवाली पुलिस को सूचना भी दी। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा ने बताया कि तीन नवंबर की दोपहर एक युवक एक महिला को बेहोशी की हालत में अस्पताल लेकर पहुंचा। महिला का नाम मीना देवी (45) पत्नी भोपाल सिंह निवासी नाग मंदिर मार्ग बताया। कुछ समय बाद युवक वहां से लापता हो गया।
सिटी स्कैन में महिला के दिमाग में खून का थक्का होने का पता लगा। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. टम्टा ने बताया कि महिला के बेटे बताए गए अज्जू और उसे अस्पताल लाने वाले युवक के मोबाइल पर कई बार कॉल की, लेकिन उन्होंने अस्पताल आने से साफ इनकार कर दिया।
महिला हृदयरोगी भी है और उसके हृदय में वाल्व पड़ा हुआ है। ऐसे में उनका एमआरआई भी नहीं हो सकता। ऑपरेशन के दौरान महिला की जान को खतरा हो सकता था। ऐसे में ऑपरेशन के लिए परिजनों की अनुमति जरूरी थी। गुरुवार को भी जब परिजन अस्पताल नहीं आए तो डॉक्टरों ने महिला की जान को खतरा देखते हुए ऑपरेशन करने का निर्णय लिया।