हिमालय के कुंभ नंदा राजजात को शुरू होने में एक सप्ताह से भी कम समय बचा है पर अभी तक तैयारियां ही चल रही हैं।
जगह-जगह यात्रा के पोस्टर लगे हैं, लेकिन प्रशासन के लाख दावों के बावजूद राजजात यात्रा मार्ग तकलीफदेह बना है।
नंदा देवी राजजात यात्रा का तीसरा प्रमुख पड़ाव रामणी अभी तक सुविधाओं के लिए राह देख रहा है। नंदा देवी के सिद्धपीठ कुरुड़ से आठ किमी पैदल और 19 किमी सड़क मार्ग पर स्थित है रामणी पड़ाव। यहां दशोली, निजमुला, घाट और नीती क्षेत्र की नंदा डोलियों और छंतोलियों का मिलन होगा।
जिन पैदल रास्तों से नंदा राजजात यात्रा गुजरनी है, वे रास्ते झाड़ियों से ढके हैं। यात्रा के मुख्य पड़ाव घाट बाजार में सड़क दलदल बनी है। घाट-कुरुड़ मोटर मार्ग पर कहीं भी शौचालय की व्यवस्था नहीं की गई है।
रामणी पड़ाव पर रात्रि निवास की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। रामणी की ग्राम प्रधान बसंती देवी ने बताया कि राजजात में घाट-रामणी मोटर मार्ग और पैदल रास्ते आवागमन के मुख्य जरिया हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा यहां कोई कार्य नहीं किए गए।