वापसी के अंतिम पड़ाव पर शुक्रवार को कुरुड़ की नंदा का भरपूर स्वागत हुआ। नंदा अब शनिवार को अपने स्थल कुरुड़ जाएगी। दूसरी ओर सुतोल को छोड़कर राज राजेश्वरी नंदा भी कुलिंग पहुंच गई हैं। राजराजेश्वरी भी कुछ दिन बाद देवराड़ा पीठ पहुंचेगी।
इधर नौटी से छंतोलियां लेकर होमकुंड पहुंचे नौटी के लोग शनिवार को कर्णप्रयाग में स्नान कर नौटी पहुंचेंगे। राजजात समिति के महामंत्री भुवन नौटियाल के मुताबिक कुंवरों की विदाई सात सितंबर को नौटी में होगी।
नंदा जात में शामिल कुरुड़ की दोनों भगवतियां अब वापसी की राह पर है। शुक्रवार को कुरुड़ की नंदा वापसी में देर शाम घाट पहुंच गई। सुतोल से करीब तीस किलोमीटर दूर का यह पड़ाव यात्रा का एक तरह से अंतिम पड़ाव भी है।
यात्रियों के लौटने का सिलसिला लगातार जारी है और शुक्रवार को भी घाट में दिन भर यात्रियों का तांता लगा रहा। घाट से कुरुड़ करीब सात किलोमीटर दूर है। इस स्थिति का फायदा उठाकर घाट में कुरुड़ के कई लोग भी पहुंचे।