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नानकमत्ता गुरुद्वारा विवाद: गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी पदाधिकारियों का इस्तीफा, लौट गई फोर्स

Wed, 28 Jul 2021 10:44 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नानकमत्ता (ऊधमसिंह नगर)

सार

24 जुलाई को सीएम के गुरुद्वारा साहिब दर्शन के लिए आने पर जोड़ा घर के समीप सांस्कृतिक कार्यक्रम होने से सिख संगत में गहरा आक्रोश था।
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नानकमत्ता गुरुद्वारा में बैठक करती कमेटी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब के परिसर में मर्यादा के विरुद्ध सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन को लेकर चल रहे विवाद का तीसरे दिन बुधवार को पटाक्षेप हो गया। श्री अकाल तख्त साहिब की तीन सदस्यीय जांच कमेटी के सदस्यों की उपस्थिति में प्रबंधक समिति के चारों पदाधिकारियों ने संगत के आक्रोश को देखते हुए श्री अकाल तख्त साहिब से निर्णय आने तक के लिए अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। बैठक में मौजूद सदस्यों में से पांच सदस्यों का पर्चियां डालकर चयन किया गया जिन्हें निर्णय आने तक गुरुद्वारा साहिब के प्रबंधन का अधिकार दिया गया। प्रबंधक समिति के इस्तीफे के बाद आक्रोशित संगत घरों को लौट गई।

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24 जुलाई को सीएम के गुरुद्वारा साहिब दर्शन के लिए आने पर जोड़ा घर के समीप सांस्कृतिक कार्यक्रम होने से सिख संगत में गहरा आक्रोश था। मंगलवार को यूपी और उत्तराखंड के विभिन्न जिलों की सिख संगत गुरुद्वारा साहिब परिसर में जुटी। संगत प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारियों के इस्तीफे और डेरा कारसेवा को हटाने की मांग कर रही थी। मामला जब श्री अकाल तख्त साहिब के दरबार में पहुंचा तो वहां से सिंह साहिबान जत्थेदार हरप्रीत सिंह ने तीन सदस्यों की कमेटी गठित कर गुरुद्वारा साहिब में उपजे विवाद की जांच करने के लिए भेजी।

जांच समिति ने यहां पहुंचकर संगत व पदाधिकारियों से विवाद को लेकर वार्ता की और विभिन्न बिंदुओं पर लिखित और मौखिक स्पष्टीकरण मांगा। संगत के आक्रोश को देखते हुए देर रात तक बैठक चलती रही और फिर बुधवार को सुबह 11 बजे से पुन: बैठक करने का निर्णय लिया गया। बुधवार को नियत समय पर संगत गुरुद्वारा साहिब के कार्यालय पर जमा होने लगी और दोपहर करीब 12 बजे बैठक आरंभ हो गई। निर्वाचित 27 सदस्यों में से 25 सदस्यों की उपस्थिति में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार का निर्णय आने तक प्रबंधक कमेटी के प्रधान सेवा सिंह, कार्यवाहक महासचिव धन्ना सिंह, उपप्रधान जसविंदर सिंह गिल, सचिव केहर सिंह ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।
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बैठक में सर्वसम्मति से पर्ची डालकर निर्वाचित सदस्यों में से ही जरनैल सिंह (अमरिया), सुखदीप सिंह विर्क (पूरनपुर), कुलदीप सिंह पन्नू (बरेली), अमरजीत सिंह (किच्छा) व जसवीर सिंह (नैनीताल) की कमेटी गठित कर दी गई। तीन सदस्यीय जांच कमेटी व संगत के साथ नवनियुक्त कमेटी के सदस्यों ने श्री दरबार साहिब में मत्था टेका। श्री अमृतसर साहिब से आए हेड ग्रंथी मलकीत सिंह ने सभी को सरोपा देकर सम्मानित किया। वहां श्री अकाल तख्त साहिब की तीन सदस्यीय कमेटी के सदस्य अजीत सिंह, हेड प्रचारक ज्ञानी सर्वजीत सिंह, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य महेंद्र सिंह, प्रकट सिंह, जसवंत सिंह, पाल सिंह, जोगेंद्र सिंह, निर्मल सिंह, अमरजीत सिंह सेठी आदि थे।

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धार्मिक डेरा कारसेवा भी पहुंची कमेटी, लिए बयान

श्री अकाल तख्त साहिब की तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने धार्मिक डेरा कारसेवा पहुंचकर सीएम पुष्कर सिंह धामी को मुकुट पहनाने की जांच की। डेरे के बाबा तरसेम सिंह से मौखिक व लिखित बयान लिए। बाबा ने बताया कि डेरा कारसेवा में सीएम के आने पर डेरे की ओर से लंगर छकाया गया था। विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा की ओर से मुकुट पहनाकर उनका स्वागत किया गया था। सीएम को मुकुट पहनाने के दौरान वह मौजूद जरूर थे। हेड ग्रंथी ज्ञानी मलकीत सिंह ने बताया कि वह अपनी रिपोर्ट श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को सौंपेंगे। उनकी ओर से अतिशीघ्र निर्णय लिया जाएगा। वहां बाबा श्याम सिंह, अजीतपाल सिंह, लक्खा सिंह बिथा आदि थे।

देर रात तक चली वार्ता के बाद लौट गई फोर्स
गुरुद्वारा साहिब पर सांस्कृतिक कार्यक्रम को लेकर हुए विवाद का निस्तारण करने के लिए देर रात तक वार्ता होने के बाद जिले के अन्य कोतवाली, थाने व चौकियों से आई अधिकतर फोर्स लौट गई। बुधवार को वार्ता के दौरान सिर्फ एसडीएम तुषार सैनी और खटीमा सीओ मनोज ठाकुर फोर्स के साथ मौजूद रहे। एडीएम जगदीश चंद्र कांडपाल, एसपी सिटी ममता बोहरा व एसपी क्राइम मिथिलेश कुमार सिंह रात ही लौट गए थे।

बच्चियां सबकी सांझी होती हैं, कहे गए अपशब्द वापस लें
अमृतसर के श्री अकाल तख्त साहिब से आए जांच कमेटी के सदस्य हेड प्रचारक ज्ञानी सर्वजीत सिंह ने कहा कि कलाकार बच्चियों के लिए गलत शब्द का प्रयोग निंदनीय है। बच्चियां सबकी सांझी होती हैं। हमारे गुरुओं व सिखों ने मां, बहन व बेटियों की इज्जत आबरू के लिए बलिदान दिया है। जिन लोगों ने बच्चियों के खिलाफ अपशब्द बोले हैं, उन्हें अपने शब्दों को वापस लेना चाहिए।
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