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डीएम को पता नहीं दून में कहां है नकरौंदा?

Mon, 22 Sep 2014 01:29 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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‘अरे भाई, ये नकरौंदा आखिर है कहां?’ हाथ में ज्ञापन लिए गांव का नाम पढ़ने के बाद जिलाधिकारी चंद्रेश कुमार यादव सामने खड़े ग्रामीणों से इस सवाल के साथ मुखातिब हुए तो ग्रामीण हैरत में पड़ गए।
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अब क्या जवाब दें के अंदाज में ग्रामीण एक-दूसरे का मुंह ताकने लगे। कुछ के चेहरों पर नाराजगी का भाव तैरने लगा, फिर कुछ ग्रामीणों ने ही बात संभाली। बाद में पूरी बात सुनकर डीएम ने क्षेत्र में जल्द ही पुलिस चौकी के लिए जमीन दिलाने का भरोसा दिया। उधर, एसएसपी से तो ग्रामीणों को कोई जवाब ही नहीं मिला।

उचित परिणाम का आश्वासन
नकरौंदा डकैती और अंकित थपलियाल की हत्या के खुलासे में पुलिस अधिकारियों को दिया समय खत्म होने के बाद रविवार को अंकित हत्याकांड जन संघर्ष समिति से जुडे़ आंदोलनकारी एसएसपी अजय रौतेला से मिलने उनके आवास पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि एसएसपी से उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
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इस पर ग्रामीण मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। मुख्यमंत्री का स्वास्थ्य ठीक न होने पर उनके मीडिया सलाहकार सुरेंद्र अग्रवाल मिले। अग्रवाल ने अंकित के पिता एसएस थपलियाल की फोन पर सीएम से बात कराई। मुख्यमंत्री ने उन्हें जल्द ही उचित परिणाम का आश्वासन दिया।

डीएम को पता नहीं
इसके बाद ग्रामीण मुख्य संयोजन मदन सिंह नेगी के नेतृत्व में डीएम आवास पहुंचे और ज्ञापन दिया। लेकिन डीएम के सवाल ने उन्हें अचंभित कर दिया। नेगी ने बताया कि बाद में हुई बातचीत में डीएम ने कहा कि पुलिस चौकी के लिए ग्रामसभा की जमीन देखी जा रही है।

स्वामी दर्शन भारती ने डीएम को बताया कि पुलिस क्षेत्र में वेरिफिकेशन नहीं कर रही। इससे ही अपराध बढ़ रहे हैं। उधर, समिति के सदस्य और बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष पृथ्वीराज चौहान ने कहा कि डीएम के सवाल से ग्रामीणों में नाराजगी है।

कहा कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद डीएम को पता नहीं है कि घटनास्थल कहां है। उधर, दोपहर बाद डीएम ने ग्रामसभा की जमीन का निरीक्षण कर वहां चौकी खोलने का निर्देश दिया है। एसएसपी अजय रौतेला ने बताया कि जमीन का निरीक्षण जल्द कर प्रस्ताव भेज दिया जाएगा।

खाली हाथ कैसे आऊं घर
समिति सदस्यों ने बताया कि एसएस थपलियाल से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री दुखी थे। उन्होंने थपलियाल से कहा कि ‘मैं आपके घर कैसे आऊं, समझ नहीं आ रहा है। मैं खाली हाथ आपके यहां नहीं आ सकता, कुछ लेकर ही आना होगा।’ मुख्यमंत्री का इशारा अपराधियों की धरपकड़ से था। उन्होंने अंकित के पिता को ढांढस भी बंधाया।
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