नैनीताल जैसे महंगे शहर में 45 एकड़ भूमि पर लाखों वर्गफीट में निर्मित भवनों वाले इस विद्यालय की अनुमानित कीमत अरबों रुपये होगी। इससे भी ज्यादा इस विद्यालय की साख रही है, जहां एडमिशन के लिए देश भर के नामी गिरामी खानदानों सहित धनकुबेर लाइन लगाए रहते हैं।
सिर्फ चुनिंदा बॉलीवुड कलाकार ही नहीं, बल्कि उनसे कहीं बढ़कर देश के रियल लाइफ हीरो फील्ड मार्शल एसएचएफजे मानेकशॉ, देश के प्रथम परमवीर चक्र विजेता शहीद मेजर सोमनाथ शर्मा, पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल वीएन शर्मा, एनके किदवई पूर्व राज्यपाल बिहार, न्यायमूर्ति रवि धवन पूर्व मुख्य न्यायाधीश हाईकोर्ट पटना, पूर्व विदेश सचिव सलमान हैदर, इंद्रजीत खन्ना मुख्य सचिव सहित सैकड़ों नामीगिरामी हस्तियां इसी की देन रहे हैं।
वर्तमान में संपत्ति और प्रधानाचार्य पद को लेकर अनायास शुरू हुई इस लड़ाई ने इसकी साख को भारी क्षति पहुंचाई है जिसे संभाल पाना अब किसी भी प्रधानाचार्य के लिए कठिन होगा।
शेरवुड के प्रधानाचार्य के पद को लेकर अमनदीप संधू और पीटर इमेन्युअल दोनों का दावा है कि वे ही असली प्रधानाचार्य हैं। उधर लखनऊ डायसिस के पदाधिकारियों का दावा है कि इनमें से कोई भी प्रधानाचार्य नहीं है।
हालांकि वे यह स्पष्ट नहीं करते कि यदि संस्था पहले से ही उनकी थी तो उन्होंने किसे प्रधानाचार्य बना रखा था। बहरहाल गूगल पर यदि इस सवाल का जवाब तलाशें तो विकिपीडिया ने पीटर इमेन्युअल को शेरवुड का प्रधानाचार्य घोषित कर दिया है।
शेरवुड कॉलेज नाम की साइट में विकीपीडिया ने शुरू से अब तक विद्यालय के प्रधानाचार्यों की सूची जारी की है, जिसमें 2004 से 2020 तक संधू को प्रधानाचार्य दर्शाने के साथ 2020 में अब पीटर इमेन्युअल को प्रधानाचार्य दर्शाया है।
151 वर्ष पूर्व जब इस प्रतिष्ठित विद्यालय की स्थापना की गई थी तो संस्थापकों ने इसका मोटो तय किया था 'मेरियट क्विस्क पालमन' अर्थात 'लेट ईच वन मेरिट हिज प्राइज'।
हिंदी में इसका तात्पर्य है कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी योग्यता दिखाने का अवसर। डिक्शनरी में प्राइज के बहुत से अर्थ दिए हैं जिनमें एक लूट यानी कब्जा और शिकार (अधिकार) भी शामिल है।
कौन सोच सकता था कि एक दिन यह आदर्श वाक्य, किसी अन्य अर्थ में भी प्रयोग किया जा सकेगा और अपनी योग्यता इस परिप्रेक्ष्य में दिखाई जाएगी।