आशीष को बचाने में डूबा सूरज : आदित्य
कोसी नदी में नहाते समय आशीष अचानक डूबने लगा तो सूरज उसे बचाने गया। काफी कोशिश के बाद भी सूरज को सफलता नहीं मिली और दोनों डूब गए। हम सभी घूमने के लिए आए थे। यह कहना था मृतक युवकों के दोस्त आदित्य का।
आदित्य ने बताया कि उनकी पहले से रामनगर आने की योजना नहीं थी। सोमवार को अचानक प्लान बना कि मंगलवार को रामनगर जाएंगे। मंगलवार सुबह आशीष ने अपनी कार निकाली और सभी दोस्त मस्ती करते हुए दोपहर 12 बजे तक रामनगर पहुंच गए। रामनगर पहुंचने के बाद गर्जिया मंदिर के लिए निकले पड़े। सभी ने माता गर्जिया मंदिर के दर्शन किए। दोपहर डेढ़ बजे दर्शन करने के बाद सभी मंदिर के पीछे बह रही नदी में नहाने लगे। आदित्य ने बताया कि आशीष व सूरज को तैरना आता था तो वे नदी में उतरकर नहा रहे थे। जबकि वह और अन्य दो दोस्त नदी किनारे नहा रहे थे। आशीष नहाते हुए गहरे कुंड की ओर चला गया और उसमें फंस गया।
आशीष ने काफी कोशिश की लेकिन वह गहरे कुंड से निकल नहीं पाया। ऐसे में सूरज उसे बचाने के लिए गहरे कुंड की ओर ओर चला गया। उसने एक बार आशीष को पकड़ लिया और उसे नदी किनारे लाने लगा लेकिन अचानक वह भी गहरे कुंड में भंवर में फंस गया और डूब गया। आदित्य ने बताया कि उनके शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। अन्य श्रद्धालुओं ने किसी तरह दोनों को नदी से बाहर निकाला और कार से दोनों को रामनगर के सरकारी अस्पताल ले गए। आदित्य ने बताया कि काश हम यहां नहीं आते तो शायद यह हादसा नहीं होता।
नहाने से पहले ली सेल्फी
आदित्य व इमरान ने बताया कि कोसी नदी में नहाने से पहले टूर को यादगार बनाने के लिए सभी ने सेल्फी ली लेकिन किसे पता था कि आशीष व सूरज के साथ यह आखिरी सेल्फी बन जाएगी। आदित्य ने बताया कि सूरज 11वीं और आशीष 12वीं का छात्र था। हिमांशु, इमरान व आदित्य भी 12वीं के छात्र हैं। इधर, दो दोस्तों की मौत के बाद अस्पताल में हिमांशु के पेट में दर्द होने लगा। इस पर अस्पताल में हिमांशु का इलाज किया गया। अब उसकी हालत ठीक है।