केंद्रीय औषधि एवं संगध पौध संस्थान शोध केंद्र (सीमैप) परिसर में हाथी (8) की मौत हो गई। सूचना पर वन विभाग के अधिकारी पशु चिकित्सकों की टीम को लेकर मौके पर पहुंचे। इसके बाद हाथी का पोस्टमार्टम किया गया। तराई पूर्वी वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी नीतीश मणि त्रिपाठी ने बताया कि प्रथम दृष्टया हाथी की मौत प्राकृतिक लग रही है।
सुभाषनगर से सटे सीमैप अनुसंधान केंद्र परिसर में क्षेत्र के युवाओं ने बुधवार को मॉर्निंग वॉक के दौरान एक हाथी का शव पड़ा देखा। उन्होंने इसकी सूचना वन विभाग को दी। इस बीच, वहां लोगों का जमावड़ा लग गया। दोपहर बाद सीमैप परिसर में पशुचिकित्सकों ने हाथी के शव का पोस्टर्माटम किया। उसके दांतों को सुरक्षित रखकर शव को दफना दिया गया।
वन क्षेत्राधिकारी आरपी जोशी ने बताया कि हाथी के पोस्टमार्टम में उसकी मृत्यु का कारण पता नहीं चल सका है, इसलिए उसके बिसरे को जांच के लिए आईवीआरआई अनुसंधान केंद्र इज्जतनगर बरेली भेजा जाएगा। इस दौरान उप प्रभागीय वनाधिकारी तराई पूर्वी शिवराज चंद, वनक्षेत्राधिकारी गौला आरपी जोशी, डॉ. हिमांशु पांगती, डॉ. आयुष उनियाल, त्रिलोक सिंह बोरा सहित कई अधिकारी थे।
रात में आ रही थी हाथियों के चिंघाड़ने की आवाज
अनुसंधान केंद्र में ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षा गार्ड का कहना था कि रात लगभग एक बजे हाथियों के चिंघाड़ने की तेज आवाज आ रही थी। झांक कर देखा तो झुंड में हाथी खड़े थे। हो सकता है कि हाथी के गिरने पर अन्य हाथी उसे उठाने का प्रयास कर रहे होंगे। सुबह तड़के जब वह नहीं उठा तो उसके साथी टांडा जंगल में लौट गए।