इससे बचने के लिए ही ओटीए को महत्व मिला है। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश साह ने बताया कि एसोसिएशन ओटीए का विरोध कर रही है। इसके बावजूद ओटीए ने नगर में सबसे ज्यादा कमरे बुक कराए हैं। होटल एसोसिएशन के सदस्य दिग्विजय सिंह बिष्ट बताते हैं कि अब ओटीए सीजन पर पर्यटकों को कमरे देगा।
अधिकतर पर्यटक रात को भी शहर में ही रुकना चाहते हैं। इसी कारण यहां होटलों में ओवरलोडिंग, अव्यवस्था हो जाती है जबकि आसपास के गांवों में खुले होटलों में रात बिताकर दिन में यहां घूमने का भी अच्छा विकल्प उपलब्ध है लेकिन अधिकतर पर्यटक इतना समायोजन नहीं कर पाते। इसका नतीजा उन्हें भुगतना पड़ता है।