-भीख मांगने वाले बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलाने के बाद परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा।
-भिक्षावृत्ति के संबंध में यदि किसी गैंग या माता-पिता की संलिप्तता पाई जाती है तो अभियोग पंजीकृत कराया जाएगा।
-बच्चों की सुपुर्दगी लेने वाले लोगाें का डीएनए टेस्ट कराकर पता किया जाएगा कि वे असली माता-पिता है या नहीं।
-चौराहों पर लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को बच्चों को भीख न देने के लिए जागरूक किया जाएगा।
-भीख मांगने वालों की धरपकड़ को मंगलवार, शनिवार और पर्वों पर विशेष अभियान चलाया जाएगा।