औली में जून में हुई गुप्ता बंधुओं के बेटों की शाही शादी के दौरान पर्यावरण को हुए नुकसान और इसमें होने वाले खर्च की विस्तृत रिपोर्ट दो सप्ताह के भीतर कोर्ट में पेश करने के निर्देश हाईकोर्ट ने राज्य प्रदूषण बोर्ड को दिए हैं। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 26 सितंबर की तिथि नियत की है।
मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। काशीपुर निवासी अधिवक्ता रक्षित जोशी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि उत्तराखंड के औली बुग्याल में 18 से 22 जून तक गुप्ता बंधुओं के बेटों की शादी हुई थी। इस आयोजन में मेहमानों को लाने ले जाने के लिए करीब 200 हेलीकॉप्टरों की व्यवस्था की गई थी।
उन्होंने इन हेलीकॉप्टरों से पर्यावरण और जंगली जानवरों को खतरे की आशंका जताई थी। याचिका में कहा गया कि इस शादी समारोह में प्लास्टिक का भी खूब उपयोग हुआ, जो कोर्ट की अवमानना है।
पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को शादी के दौरान पर्यावरण को हुए नुकसान और इसमें होने वाले खर्च की विस्तृत रिपोर्ट दो सप्ताह के भीतर कोर्ट में पेश करने को कहा है।