जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि ज्योतिष पूरी तरह प्रमाणिक वैदिक विद्या है। जो लोग इसके बारे में अनर्गल टिप्पणी करते हैं और कहते हैं कि ज्योतिष कुछ नहीं है वे अज्ञानी हैं। उन्हें सत्य का ज्ञान नहीं है।
ज्योतिष के बारे में पूरा ज्ञान अर्जित किए बिना कोई टिप्पणी उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि समय के साथ ज्योतिष के नाम पर काले धंधे का दौर शुरू हो गया है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि ज्योतिषियों को नेताओं की स्तुति करने से बचना चाहिए।
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज बुधवार को कनखल स्थित जगद्गुरु आश्रम में जगद्गुरु परमार्थिक न्यास एवं उत्तराखंड ज्योतिष परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 29वें अखिल भारतीय ज्योतिष सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि ज्योतिष के पराभव का असली कारण यह है कि आज ज्योतिषाचार्य, एस्ट्रोलॉजर बनना चाहते हैं।
इसी तरह आयुर्वेद का दुर्भाग्य यह है कि वैद्य आज के दौर में डॉक्टर बनना चाहते हैं। कंप्यूटर और लैपटॉप का यह दौर विद्या को आघात पहुंच रहा है। इसी वजह से इन दोनों पुरातन विधाओं का लगातार ह्रास हो रहा है। उन्होंने ज्योतिषाचार्यों से आह्वान किया कि वे नेताओं की स्तुति करने से बचें और पारंपरिक वेशभूषा व ज्ञान के आधार पर ही ज्योतिष के उत्थान के लिए काम करें।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि ज्योतिष भारतीय संस्कृति से जुड़ी पुरातन विधा है। ज्योतिष और इसके ज्ञाताओं का उत्तराखंड से गहरा नाता रहा है। उन्होंने देवभूमि उत्तराखंड खासकर हरिद्वार में इस आयोजन के लिए आयोजकों को साधुवाद दिया। उन्होंने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष बनने के बाद विधानसभा में सारे साइन बोर्ड और सूचनाएं संस्कृत में लगवाए हैं। साथ ही महीने के हर 21 तारीख को योग की कक्षाएं लगती हैं।
उन्होंने कहा कि ज्योतिष मंगल करने वाली विधि है और इसके प्रतिनिधि देव तुल्य हैं। उत्तराखंड ज्योतिष सम्मेलन के प्रदेश अध्यक्ष पंडित रमेश सेमवाल के संयोजन में आयोजित सम्मेलन में विभिन्न राज्यों से आए ज्योतिषाचार्यों ने ‘मानव जीवन पर ग्रहों का प्रभाव’ विषय पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में महामंडलेश्वर स्वामी मार्तंडपुरी महाराज को ज्योतिष के क्षेत्र में योगदान के लिए एक लाख रुपये का नगद पुरस्कार दिया गया। जाने-माने ज्योतिषाचार्य पंडित लेखराज शर्मा को 11,000 रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में डॉ. एचएस रावत, आचार्य अनिल वत्स, सुनील पैन्यूली, डॉ. संतोष खंडूरी, डॉ. रमेश द्विवेदी, सुरेश शर्मा, डॉ. राजेश ओझा, डॉ. सीताराम त्रिपाठी, डॉ. मोनिका, सुमन शर्मा, आशा शर्मा, आरजू अवस्थी, जिनेंद्र शर्मा, युवराज शर्मा, भाजपा नेता मनोज वर्मा, पवन कुमार, पंडित गिरधर शास्त्री, श्रीधर शास्त्री समेत करीब 150 से ज्यादा ज्योतिषाचार्य मौजूद रहे। इन सभी को अंतरराष्ट्रीय वास्तु एसोसिएशन और उत्तराखंड ज्योतिष परिषद की ओर से ज्योतिष पाराशर सम्मान प्रदान किया गया।