नैनीताल हाईकोर्ट ने राज्य में लगभग 3000 सहायक अध्यापक के पदों पर होने वाली परीक्षा के परिणाम पर रोक लगा दी है। साथ ही, न्यायालय ने राज्य आंदोलनकारियों को मिलने वाले आरक्षण पर भी रोक लगाते हुए सरकार को 16 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
याचिका में कहा नियमों का उल्लंघन
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। उत्तरकाशी निवासी मुनीश रावत ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि 29 मार्च को होने वाली सहायक अध्यापक एलटी ग्रेड परीक्षा में राज्य आंदोलनकारियों को आरक्षण दिया जा रहा है जो कि पूर्व में पारित 26 अगस्त, 2013 और 9 अप्रैल 2014 के आदेशों का उल्लंघन है।
याचिकाकर्ता का कहना था कि राज्य आंदोलनकारियों को चिन्हित करने की कार्यवाही चल रही है, लेकिन सरकार की ओर से आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत का आरक्षण बिना आधार के दिया जा रहा है। ऐसा करना सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का भी उल्लंघन है।
16 अप्रैल तक सरकार से मांगा जवाब
पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने सहायक अध्यापक के पदों पर होने वाली परीक्षा के परिणाम पर रोक लगा दी है।
साथ ही, न्यायालय ने राज्य आंदोलनकारियों को मिलने वाले आरक्षण पर भी रोक लगाते हुए सरकार को 16 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।