देहरादून में विधानसभा के सामने बन रही बहुमंजिली इमारत के संशोधित नक्शे को पास न करने के लिए दायर प्रार्थना पत्र को निरस्त करने के मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के आदेश पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है।
न्यायमूर्ति मनोज तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार मैसर्स चंद्रा कंस्ट्रक्शन कंपनी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि कंपनी ने 2013 में विधानसभा देहरादून के समक्ष मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाने का नक्शा पास कराया था, लेकिन एमडीडीए ने 3 फरवरी 2020 को उस नक्शे को इस आधार पर निरस्त कर दिया कि इस नक्शे को स्वीकृत कराने में विधानसभा सचिवालय की अनापत्ति नहीं ली गई है।
सुरक्षा कारणों से विधानसभा के ठीक सामने मल्टी स्टोरी भवन बनाने से पहले विधानसभा की अनुमति जरूरी है। याचिकाकर्ता का कहना था कि एमडीडीए के प्रावधानों में विधानसभा की अनुमति लेने का नियम ही नहीं है। पक्षों को सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एलपीठ ने इस आधार पर याचिका को स्वीकार करते हुए एमडीडीए के आदेश पर रोक लगा दी हैं।