कोर्ट ने राज्य सरकार को यह भी निर्देश दिए हैं कि सामाजिक संस्थाओं, विदेश में रहने वाले व्यक्तियों, एनजीओ तथा उतराखंड मूल के लोगों द्वारा की जाने वाली मदद के लिए एक पोर्टल बनाए ताकि मदद करने वालों को आसानी हो और उन्हें किसी तरह की प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
सेलिब्रिटियों, खिलाड़ियों, प्रभावशाली लोगों की मदद ले सरकार
कोरोना की तीसरी लहर के लिए ग्राम स्तर पर आइसोलेशन सेंटरों की अभी से व्यवस्था करने, जागरूकता के लिए समाज के प्रमुख व्यक्तियों, सेलिब्रिटी कलाकारों, अभिनेताओं, खिलाड़ियों और उतराखंड मूल के प्रभावशाली लोगों की सहायता लेने के निर्देश भी हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दिए हैं।
कोर्ट की तल्ख टिप्पणी- दून में बैठे-बैठे परिस्थितियों का अंदाजा लगा रहे पर्यटन सचिव
पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर की ओर से दायर शपथपत्र से हाईकोर्ट पूर्णत: असंतुष्ट दिखा। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि पर्यटन सचिव देहरादून में बैठे-बैठे परिस्थितियों का अंदाजा लगा रहे हैं और चिट्टियां जारी कर अपने कर्तव्य से इतिश्री कर रहे हैं, जबकि आगामी चार धाम यात्रा और पर्यटन सीजन के चलते जमीनी स्थितियां क्या हैं, इसके लिए उन्हें भ्रमण करना चाहिए था। कोर्ट ने पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर को 16 जून को कोर्ट में उपस्थित रहने के लिए कहा है। साथ ही चार धाम प्रबंधन, सरकार व पुजारियों के मध्य सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाने के लिए भी कहा है।
सुनवाई में ये रहे मौजूद
केंद्र सरकार के स्वास्थ्य निदेशक डॉक्टर संजय रॉय, फार्मा प्राइसिंग के निदेशक डॉ. मिश्रा, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के विशेष सलाहकार सुधीर सचदेवा। राज्य सरकार की ओर से मुख्य सचिव ओमप्रकाश, स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी व पुलिस महानिरीक्षक अमित सिन्हा।
इनकी याचिका पर हुई सुनवाई
दुष्यंत मैनाली व देहरादून निवासी सच्चिदानंद डबराल ने क्वारन्टीन सेंटरों व कोविड अस्पतालों की बदहाली और उतराखंड वापस लौट रहे प्रवासियों की मदद और उनके लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने को लेकर हाईकोर्ट में अलग अलग जनहित याचिकाएं दायर कीं थीं।