मंगलवार को न्यायालय की ओर से जारी आदेश से सरकार के इस कार्यक्रम पर ही मुहर लगती दिख रही है। हालांकि, न्यायालय ने अगली सुनवाई 24 अप्रैल को तय कर यह भी जता दिया है कि उसकी इस मामले पर पूरी तरह से निगाह रहेगी।
राज्य निर्वाचन आयोग के अधिवक्ता संजय अधिवक्ता संजय भट्ट के मुताबिक 24 अप्रैल को होने वाली सुनवाई से यह उम्मीद है कि निकाय चुनाव जल्द से जल्द हो जाएंगे। फिलहाल, न्यायालय के इस अंतरिम आदेश से सरकार कुछ हद तक राहत महसूस कर सकती है। यह बहुत हद तक सरकार की निकाय चुनाव की तैयारी से भी मेल खाता है।
प्रदेश के अपनी तरह के पहले मामले में निकाय चुनाव समय से न होने की शिकायत को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने कुछ समय पूर्व उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। आयोग का कहना था कि सरकार निकाय चुनाव समय से कराने के लिए तत्पर नहीं है।
तीन मई तक निकायों में बोर्ड गठित हो जाने चाहिए थे। राज्य निर्वाचन आयोग के बार-बार के आग्रह के बाद भी चुनाव कार्यक्रम जारी नहीं किया जा रहा है। 11 अप्रैल के बाद इसमें 16 अप्रैल को सुनवाई हुई। इस दिन न्यायालय ने 18 मई को सुनवाई करना तय किया था, लेकिन राज्य निर्वाचन आयोग के आग्रह के बाद सुनवाई 17 अप्रैल को तय कर दी गई थी।