हाईकोर्ट ने हरिद्वार जिले को छोड़कर अन्य जिला सहकारी बैंकों के 410 पदों पर अभ्यर्थियों के चयन पर लगी रोक हटा दी है। फरवरी 2009 में जिला सहकारी बैंक के उप महाप्रबंधक, शाखा प्रबंधक, लिपिक, कैशियर सहित 428 पदों के लिए विज्ञापन हुआ था। इन पदों पर चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हरिद्वार निवासी सुरेंद्र सिंह नेगी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चयन प्रक्रिया को चुनौती देते हुए कहा था कि चयन प्रक्रिया सहकारी बैंक केंद्रीयकृत सेवा विनियम प्रावधानों के विरुद्ध है। इसलिए उत्तराखंड सहकारी संस्थागत मंडल को नियुक्ति का अधिकार नहीं है।
इस पर हाईकोर्ट ने 23 अगस्त 2019 को परीक्षा परिणाम पर रोक लगा दी थी। इस मामले में सरकार की ओर से कोर्ट में जवाब दाखिल कर बताया गया कि नियुक्ति प्रक्रिया को चुनौती देने का वैधानिक अधिकार नहीं है। सरकार ने कहा कि हरिद्वार डीबीसी में ओबीसी का कोटा पूरा है इसीलिए बैंक की ओर से ओबीसी कोटे का कोई पद नहीं भेजा गया।
जिन नियमों को याची ने आधार बनाया है, वह नियम चयन प्रक्रिया में लागू नहीं होते हैं। याची सिर्फ हरिद्वार डीबीसी पदों की चयन प्रक्रिया के विरुद्ध आया है, लिहाजा अन्य जिलों की चयन प्रक्रिया में रोक लगाने की मांग करना गलत है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने पूर्व में लगी रोक को हटा दिया है।