हाइकोर्ट ने आबकारी नियमावली को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के बाद सरकार को राहत देते हुए नैनीताल, ऊधमसिंह नगर व देहरादून की मदिरा की दुकानों की लॉटरी पर रोक लगाने के प्रार्थना को स्वीकार न करते हुए दुकानों के आवंटन को याचिका के निर्णय के अधीन कर दिया है।
सोमवार को न्यायमूर्ति शरद शर्मा की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मानसिंह व अन्य ने अलग-अलग याचिकाएं दायर कर सरकार की ओर से बनाए गए प्रावधानों को असंवैधानिक घोषित करने व विज्ञापन को निरस्त करने की मांग की थी।
याचिकाकर्ताओं ने नैनीताल, ऊधमसिंह नगर व देहरादून की मदिरा की दुकानों की लॉटरी पर रोक लगाने की मांग की थी। याचिका में कहा था कि 19 मई को राज्य सरकार ने आबकारी अधिनियम 1910 की धारा 40 में प्राप्त शक्तियों के आधार पर आबकारी के नियम बनाए थे। जिसके बाद शराब की दुकानों के आवंटन के लिए विज्ञापन जारी किए गए।
पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए तीन सप्ताह के बाद की तिथि नियत की है। कोर्ट ने नैनीताल, ऊधमसिंह नगर व देहरादून की मदिरा की दुकानों की लॉटरी पर रोक लगाने के प्रार्थना को स्वीकार न करते हुए दुकानों के आवंटन को याचिका के निर्णय के अधीन कर दिया।