हाईकोर्ट ने चार धाम यात्रा मार्ग पर अव्यवस्थाओं के मामले में बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति को जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। कोर्ट ने जिला पंचायत उत्तरकाशी को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। राज्य सरकार ने इस मामले में अपना जवाब कोर्ट में दाखिल कर दिया है।
मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस केआर श्रीराम पिछले दिनों चार धाम यात्रा पर आए थे।
उन्होंने चार धाम यात्रा मार्ग में फैली अव्यवस्थाओं को लेकर उत्तराखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखा है। उन्होंने यमुनोत्री में तत्काल सुरक्षा के इंतजाम करने की बात लिखी है। पत्र में उन्होंने लिखा कि मार्ग में कई किलोमीटर तक पुलिस के जवान तैनात नहीं हैं।
ऐसे में स्वास्थ्य और आपातकाल में मदद की उम्मीद नहीं की जा सकती है। यात्रा मार्ग पर कुर्सी बेंच जैसी सुविधाओं का अभाव है। टैक्सियों, खच्चरों और रहने की दिक्कतें भी हैं। उन्होंने लिखा कि राज्य सरकार इन अव्यवस्थाओं को दूर कर सकती है मगर ऐसा नहीं किया गया है।
इस पर सरकार ने अपने जवाब में कहा है कि उसने सभी अव्यवस्थाओं को दूर किया है और पुलिस की भी तैनाती यात्रा रूट पर की गई है।सरकार ने कहा है कि जो भी कमियां हैं उनको भी दूर कर दिया जाएगा। कोर्ट ने जिला पंचायत उत्तरकाशी और बदरी केदार मंदिर समिति को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का समय दिया है।