सियाचिन में तैनात सैनिकों को उच्च तकनीक से बनी वर्दी न देने का मामला उत्तराखंड हाईकोर्ट पहुंच गया है। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने भारत सरकार, रक्षा मंत्रालय और संबंधित विभाग को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हरिद्वार निवासी राजेंद्र मोहन डबराल ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि सियाचिन में तैनात फौज को 2010 की तकनीक पर बनी वर्दी दी जा रही है।
कहा गया कि इस वर्दी में कई खामियां हैं। इसे पहनने से अंदर की तरफ भाप बन रही है, जो जवानों के शरीर को ठंडा कर रही है। याची का कहना है कि रक्षा मंत्रालय 2017 की तकनीक से बनी वर्दी देने का वादा कर चुका है, लेकिन अब तक यह वादा पूरा नहीं किया गया है।