नगर निगम क्षेत्र की मलिन बस्तियों के करीब 40 हजार लोगों को एक जून से हाउस टैक्स जमा कराना होगा। इसमें दो अलग-अलग श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। पहली बार एसेसमेंट में शामिल होने वाले को चार साल और पहले टैक्स दे चुके लोगों को तीन साल का टैक्स एक साथ जमा कराना होगा।
जिस वार्ड में बस्ती पड़ेगी, उसकी दरों के अनुसार टैक्स का एसेसमेंट किया जाएगा। निगम की तरफ से सभी भवन स्वामियों को बीस फीसदी की छूट दी जाएगी। जबकि टैक्स एसेसमेंट 350 रुपये से कम होने पर जमा नहीं कराना पड़ेगा।
बुधवार को नगर निगम स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मेयर विनोद चमोली ने बताया कि राजधानी क्षेत्र की 128 मलिन बस्तियां टैक्स के दायरे में आ रही हैं।
लोगों को नगर निगम से जारी फॉर्म भरकर टैक्स का सेल्फ एसेसमेंट करना होगा। जरूरत पड़ने पर निगम बस्तियों में कैंप भी आयोजित करेगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014-15 में निगम ने पहली बार सेल्फ एसेसमेंट की शुरूआत की थी। जो भवन अब तक इसमें शामिल नहीं रहे हैं, उन्हें 2014-15 से ही टैक्स का भुगतान करना होगा।
मेयर विनोद चमोली ने स्पष्ट किया कि हाउस टैक्स भूमि पर मालिकाना हक का प्रमाण नहीं है। यह केवल निगम की सुविधाओं के रूप में लिया जाने वाला शुल्क है। निगम के रिकॉर्ड में भवन स्वामी का नाम केवल करारोपण के लिए दर्ज होगा। बस्तियों को हटाने, विस्थापित करने या मालिकाना हक देने संबंधी सभी निर्णय सरकार के निर्देशानुसार लिए जाएंगे।
यह दस्तावेज होंगे आवश्यक
-बिजली या पानी का बिल
-आधार कार्ड या राशन कार्ड या गैस कनेक्शन
-वैध पट्टाधारकों के लिए बिजली या पानी का बिल
-सेल्फ एसेसमेंट के साथ शपथ पत्र