दोस्त भी उनकी शहादत से गमगीन
शहदी गौतम सेना की पैरा स्पेशल फोर्स की 21वीं बटालियन में पैराटू्रपर थे, वह नागालैंड में शहीद हो गए। गौतम पांच भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। उनकी तीन बहनें हैं। उसकी शहादत की खबर सुनकर क्षेत्र में शोक की लहर है।
परिवार के साथ ही गौतम के दोस्त भी उनकी शहादत से गमगीन हैं। वह बताते हैं कि गौतम ने जनवरी मेें आने का वादा किया था। वहीं परिजन और क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि गौतम की शहादत पर उन्हें गर्व है। बड़े भाई सुरेश ने बताया कि गौतम मई में बहन की शादी में घर आया था।
इसके बाद जून में वह ड्यूटी पर चला गया था। वह अक्तूबर में फिर घर आया था। उसने बताया कि ऑपरेशन से एक दिन पहले फोन पर गौतम ने बताया था कि वह कहीं जा रहा है। लौटने के बाद फोन करेगा, लेकिन इसके बाद कोई फोन नहीं आया।