एसटीएफ ने बृहस्पतिवार को कॉल सेंटर पर छापा मारा। पूछताछ के दौरान कॉल सेंटर के संचालक और संचालिका ने विदेशी नागरिकों से पुलिस और फायर सर्विस के लिए डोनेशन के नाम पर ठगी करने की बात स्वीकार की।
एसटीएफ ने देहरादून में एक और फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। आरोपी यहां बैठकर पुलिस और फायर सर्विस के लिए डोनेशन के नाम पर विदेशी नागरिकों को ठगी का शिकार बनाते थे। एसटीएफ ने मौके से महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लैपटॉप और मोबाइल आदि बरामद किए हैं।
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एसटीएफ के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन को अजबपुर क्षेत्र के माता मंदिर रोड पर फर्जी कॉल सेंटर संचालित होने की सूचना मिली थी। इस पर एसटीएफ ने बृहस्पतिवार को कॉल सेंटर पर छापा मारा। पूछताछ के दौरान कॉल सेंटर के संचालक और संचालिका ने विदेशी नागरिकों से पुलिस और फायर सर्विस के लिए डोनेशन के नाम पर ठगी करने की बात स्वीकार की।
इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही मौके से एक लैपटॉप, तीन सीपीयू, तीन मॉनीटर, तीन मोबाइल जब्त किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पूजा यादव निवासी नेहरू कॉलोनी और बजरंग प्रसाद निवासी आदर्श विहार, रायपुर रोड, अधोईवाला के रूप में हुई। साइबर क्राइम पुलिस मामले की गहन जांच में जुट गई है। इसमें अन्य सदस्यों के भी शामिल होने की आशंका है।
दो साल में पकड़े जा चुके कई फर्जी कॉल सेंटर
दून फर्जी कॉल सेंटर का अड्डा बनता जा रहा है। 21 जुलाई वर्ष 2022 को एसटीएफ ने फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर 14 लोगों को गिरफ्तार किया था। मौके से 1.26 करोड़ की नकदी भी बरामद हुई थी। कॉल सेंटर में काम करने वाले करीब 300 युवक-युवतियों से पूछताछ की गई थी। कॉल सेंटर के जरिये विदेश में रह रहे लोगों को ठगा जाता था। उन्हें फर्जी तरीके से माइक्रोसॉफ्ट आदि की सेवाएं देने के नाम पर क्यूआर कोड के माध्यम से डॉलर मंगाए जाते थे। इससे पहले 2021 में भी चार फर्जी कॉल सेंटर पकड़े जा चुके हैं।