जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. अभय कुमार सिंह ने बताया कि इस वर्ष 24 फरवरी को उन्होंने अभिहीत अधिकारी एएस रावत के निर्देश पर लाला बाजार स्थित मामराज विनोद कुमार की दुकान से ज्योति किरण सरसों के तेल का नमूना जांच के लिए लिया था, जो कि गोयल वेजिटेबल ऑयल लिमिटेड कोटा द्वारा निर्मित है।
तेल का नमूना राजकीय प्रयोगशाला रुद्रपुर जांच के लिए भेजा गया था, लेकिन वहां से तेल का नमूना पास हो गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि मिलावट की आशंका के चलते उन्होंने रुद्रपुर की प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट को चैलेंज करते हुए नमूना दोबारा भारत सरकार के केंद्रीय खाद्य प्रयोगशाला कोलकाता को भेजा।
जहां ज्योति किरण ब्रांड के तेल में मिलावट मिली और इसे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया गया। इस मामले में स्थानीय तेल विक्रेता मामराज विनोद कुमार और हल्द्वानी के डीलर शंकर एंड संस नई मंडी द्वारा तेल का अपूर्ण बिल भी प्रस्तुत किया गया था।
खाद्य नियामक की धारा 51 और 59 का उल्लंघन करने पर कंपनी, हल्द्वानी के डीलर और अल्मोड़ा के तेल विक्रेता के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां वाद दायर किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा ताड़ीखेत की दो दुकानों से लिए बर्फी के नमूने और दन्या से लिये गए मावा के नमूने राजकीय प्रयोगशाला रुद्रपुर से अधोमानक घोषित किए गए हैं, जिस पर कार्रवाई चल रही है।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि ज्योति किरण सरसों के तेल को बिक्री के लिए प्रतिबंधित किया गया है। बाजार में इस ब्रांड का सरसों तेल दिखाई देने पर दुकान स्वामी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।