जून में केदारघाटी में आई जलप्रलय के बाद यह पहला मौका है जब वाइनवर्ग स्कूल के 125वें स्थापना दिवस समारोह के जरिये राज्य की प्रमुख पर्यटन स्थली मसूरी में देश-विदेश के सैकड़ों लोग पहुंचे।
यह आयोजन राज्य के पर्यटन पर छाए सन्नाटे को तोड़ने में मददगार होगा। राज्य सरकार आपदा के बाद प्रदेश से मुंह मोड़ चुके सैलानियों को रिझाने के लिए टीवी चैनलों और अखबारों में विज्ञापन पर करोड़ों रुपये खर्च चुकी है।
125वीं सालगिरह मनाने आए
इसके बाद भी करीब चार महीने में उतने सैलानी नहीं पहुंचे जितने एक स्कूल की 125वीं सालगिरह मनाने आए। देश के विभिन्न राज्यों के साथ कई देशों से करीब दो हजार लोग यहां आए थे। यह आयोजन यहां होटल व्यवसाय से लेकर हर छोटे-बड़े काम काम करने वालों के लिए फायदेमंद रहा।
क्या कहते हैं कारोबारी
उत्तराखंड पर्यटन विकास सलाहकार परिषद के सदस्य और उत्तराखंड होटल एसोसियेशन के प्रवक्ता संदीप साहनी का कहना है कि वाइनवर्ग ऐलन स्कूल के 125वें सालगिरह में देश-विदेश से आए लोगों के माध्यम से राज्य सरकार की छवि आपदा के बाद अच्छी गई है। मसूरी सुरक्षित पर्यटक स्थल है।
इस आयोजन का पर्यटन को लाभ मिलेगा। व्यापार संघ अध्यक्ष रजत अग्रवाल का कहना है कि पूरे प्रदेश को इसका लाभ हुआ है। अब टूरिज्म बढ़ेगा।