गढ़वाल कमिश्नरी में 15वें दिन भी कूड़ा नहीं उठा। कमिश्नर साहब ने जिला प्रशासन और पालिका को कागजी निर्देश जारी कर इतिश्री कर ली।
शहर वासियों की सेहत से जुड़ा मसला होने के बावजूद प्रशासन और पालिका मामले में गंभीर नहीं हैं। समाधान को बैठक तय भी की गई तो तीन दिन बाद की तारीख तय की गई। जनता को उसके रहमोकरम पर छोड़ दिया गया है।
पढें, बोले जयराम रमेश उत्तराखंड में नहीं होंगे 'ब्लास्ट'
कोई भी दल आगे नहीं आया
चारों ओर लगे कूड़े के अंबार से महामारी का खतरा बना हुआ है। जनप्रतिनिधियों और नागरिक संगठनों भी लोगों की सुध नहीं ली है।
शुक्रवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष तीरथ रावत के सामने सफाई का यह मुद्दा उठा तो उन्होंने कार्यकर्ताओं से इसके लिए आगे आने का आह्वान किया थे, लेकिन अभी तक कोई भी दल आगे नहीं आया है।
इन हालातों में अब लोगों की निगाहें 14 अक्तूबर को प्रस्तावित डीएम और पालिकाध्यक्ष की बैठक पर टिकी हुई हैं। व्यापार संघ, नागरिक संघर्ष समिति के लोगों ने 14 अक्तूबर के बाद ही मामले में कोई निर्णय लेने की बात दोहराई है।
पढें, बदरा रानी हमने रावण को पहना दिया 'रेनकोट'
जिलाधिकारी और पालिका अध्यक्ष के बीच तनातनी
बता दें कि पौड़ी में जिलाधिकारी और नगर पालिका अध्यक्ष के बीच लंबे समय तनातनी चल रही है। इसी तनातनी के चलते पिछले 28 सितंबर से पालिका शहर का कूड़ा नहीं उठा रही है।
शहर में सफाई करने के बाद कूड़े को कूड़ाघरों और सड़कों के किनारे डंप किया जा रहा है। बस स्टेशन, एजेंसी चौक, धारा रोड, कोटद्वार रोड, लक्ष्मी नारायण मुहल्ला समेत कई जगहों पर टनों के हिसाब से कूड़े के ढेर हो गए हैं। चारों ओर से उठ रही दुर्गंध से शहर में महामारी फैलने का खतरा बना हुआ है।
डीएम के घर के आगे डालें कूड़ा : बेनाम
नगर पालिका अध्यक्ष यशपाल बेनाम ने शहर में कूड़े की समस्या के लिए पूरी तरह जिला प्रशासन को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि प्रशासन व्यवस्था में सहयोग नहीं कर रहा है। लोगों को इसके विरोध में आगे आना चाहिए। उन्हें कूड़ा डीएम के घर के आगे डालना चाहिए।
पत्रकारों से बातचीत में पालिकाध्यक्ष ने सवाल किया कि बात-बात पर सड़कों पर उतरने वाले लोग अब क्यों आगे नहीं आ रहे हैं। पालिका प्रशासन की ओर से समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रयास जारी हैं।
पढें, 'मोदी के करिश्मे से जीतेंगे पांचों लोकसभा सीट'
भूमि उपलब्ध कराने के आदेश
शासन की ओर से प्रशासन को भूमि उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं, बावजूद इसके कुछ सत्ताधारी राजनेताओं की शह पर जिला प्रशासन इसमें व्यवधान पैदा कर रहा है। शहर के लोगों को संगठित होकर प्रशासन के इस व्यवहार और सत्ता में बने नेताओं की मुखालफत करनी चाहिए।
बेनाम ने व्यापार संघ के अध्यक्ष के बयान को भी शहर हित में अनुचित बताया। कहा कि नगर की समस्या के समाधान को सभी लोगों को एक मंच पर आगे आना चाहिए।
पढें, सर्वे का 'मकड़जाल' या फिर होगा मोदी का कमाल
दुर्गंध से ठप हुआ कारोबार
शहर में पिछले पंद्रह दिनों से कूड़ा निस्तारित नहीं होने से कूड़ाघरों के पास स्थित दुकानों का व्यापार ठप सा हो गया है। दुर्गंध होने से लोग इन दुकानों में जाने से कतरा रहे हैं। बस स्टेशन, धारा रोड, अपर बाजार, लक्ष्मीनारायण मुहल्ला समेत कई जगहों में कूड़े के अंबार लगे हैं।
खरीददारों के नहीं आने से कूड़ाघरों के पास की दुकानों की बिक्री पर खासा प्रभाव पड़ा है। व्यापारियों का कहना है कि व्यापार ठप होने से दिन का खर्चा निकालना मुश्किल हो गया है।