एक दरोगा ने बाहर से कुंडी खोली तो शुभम मय असलहा बाहर निकलकर आ गया। जैसे ही मिथुन कुमार ने शुभम को पकड़ने की कोशिश की उसने पेट में गोली मार दी। मिथुन कुमार वहीं पर खड़े हो गए। एक दरोगा ने उन्हें संभाला जबकि दूसरा अन्य पुलिसकर्मियों के साथ शुभम की ओर भागा। जबकि, होना चाहिए था कि होमस्टे के गेट पर भी मुस्तैदी से खड़ा होना था। इसके बाद मिथुन कुमार को लेकर साथी पुलिसकर्मी देहरादून की ओर चल पड़े। वहां भी उन्होंने स्थानीय मसूरी पुलिस को सूचित नहीं किया।
सूत्रों के अनुसार कोल्हूखेत के पास आकर इन्होंने अपने एसओ यानी एसओ रायपुर को फोन किया। उन्होंने उच्चाधिकारियों को सूचित करते हुए वायरलेस पर घटना के संबंध में जानकारी दी। इस सब में शुभम को भागने के लिए भरपूर समय मिल गया।
बाहर से कुंडी लगाई तो हथियार क्यों नहीं उठाए
शुभम का नाम रजिस्टर में देखकर पुलिस को इतना तो पता चल ही गया था कि शुभम अंदर है। इसी बात को देखते हुए उन्होंने कमरे की कुंडी को बाहर से बंद कर दिया था। यह भी सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में साफ देखी जा सकती है। इतना सब होने के बाद भी किसी भी पुलिसकर्मी ने अपने असलहे को कमरबंद से बाहर नहीं निकाला। एक दरोगा तो हथियार के बजाए हाथ में मोबाइल लिए फुटेज में दिख रहा है। इतनी लापरवाही सामने आने के बाद दोनों दरोगाओं को सोमवार को ही सस्पेंड कर दिया गया है। अब इस मामले में दरोगाओं की लापरवाही की विस्तृत जांच चल रही है।