मुसलिम वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए भाजपा किचन के रास्ते अंदर जाएगी। पुरुषों के बजाए परदानशीं महिलाओं को कमल की घुट्टी पिलाने की पार्टी ने रणनीति बनाई है।
मुसलिम महिलाओं के परदे का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। उन्हें कार्यालय या कार्यक्रमों में बुलाने के बजाए पार्टी की महिला नेता खुद उनके पास जाएंगी और पार्टी की नीतियां बताएंगी।
भावनाओं का रखा जा रहा खयाल
मुसलिम महिलाओं को पार्टी का झंडा, बैनर, पोस्टर नहीं दिया जाएगा। भाजपा की याद जेहन में हर वक्त ताजा रहे, इसके लिए हथेलियों पर कमल मेहंदी लगाई जा रही है। यह एहतियात बरता जा रहा है कि किसी की भावना और आस्था को किसी प्रकार का आघात न पहुंचे।
जो महिलाएं पार्टी से जुड़ जाएंगीं, उन्हें मेहंदी के कोन दिए जाएंगे। उनसे अपेक्षा की जाएगी कि बाहर प्रचार के लिए जाने के बजाए अपने पड़ोस और नातेदारी में आने वाली महिलाओं की हथेलियों पर कमल निशान सजाएं।
पार्टी को मिल रहा अच्छा रिस्पांस
अभी तक डेढ़ सौ मुसलिम महिलाओं की हथेलियों पर कमल मेहंदी लगाई गई है। इससे पार्टी उत्साहित है। भाजपा महानगर अध्यक्ष नीलम सहगल ने बताया कि मुसलिम महिलाओं के परदे का ख्याल रखना पड़ता है। पार्टी की कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि जहां पर 50 या 100 मुसलिम महिलाओं का समूह रहेगा वहां वह खुद जाएंगी।
उन्होंने बताया कि एक महिला के सोच का असर उसके परिवार पर आता है। घर चलाने में सबसे अधिक दिक्कत परिवार की महिला को ही झेलना पड़ता है। पार्टी के रणनीतिकारों का कहना है कि मुसलिम महिला सशक्तीकरण एक अहम मुद्दा है। इस पर पार्टी कार्य कर रही है।