आज विश्व योग दिवस है। योग को मुस्लिम उलेमा ने धर्म से न जोड़ने की बात कही है। उनका कहना है कि योग से स्वास्थ्य लाभ मिलता है। सेहत के लिए कोई भी योग कर सकता है। ओम के स्थान पर अल्लाह हू का उच्चारण किया जा सकता है।
नायब शहर काजी डा. अशरफ हुसैन कादरी ने बताया कि इस्लाम में सूफिया ए इकराम ने कई तरह यौगिक क्रियाओं को अपनाया है। वे भी अपनी क्रिया में सांस अंदर लेते वक्त अल्लाह और सांस छोड़ते समय हू कहते हैं। यह भी एक योग क्रिया है।
उन्होंने बताया कि कई उलेमा ने अपनी किताबों में योग को कसरत के रूप में करने की सलाह दी है। कहा कि ओम की जगह मुस्लिम अल्लाह हू का उच्चारण कर सकते हैं।
साथ ही उन्होंने लोगों से योग को धर्म विशेष से न जोड़ने की अपील भी की। बताया कि हदीस पाक में भी स्वस्थ रहने के लिए लाठी चलाना, तैराकी करना, घुड़सवारी करना और कुश्ती की सलाह दी गई है।