पलायन के संकट से जूझ रहे पौड़ी जनपद के गैर आबाद गांव बौर को आबाद करने में कृषि और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी को सहयोग करेगा। बलूनी ने शुक्रवार को बौर गांव गोद लेने की घोषणा की थी। केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद और केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बलूनी के फैसले के समर्थन में ट्वीट कर आश्वस्त किया है कि उनके मंत्रालय गोद लिए गए गांव में रिवर्स पलायन में मदद करेंगे।
बलूनी ने दुगड्डा ब्लाक के बौर गांव को पायलट प्रोजेक्ट के तहत गोद लिया है। उनकी मंशा अन्य गैर आबाद गांवों को भी इसी मॉडल पर आबाद करने की है। उनकी इस पहल पर सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने ट्वीट कर बलूनी को बधाई दी कि वे निर्जन गांव बौर में रिवर्स पलायन का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि मंत्रालय की ओर से बौर गांव में कॉल सेंटर और सामुदायिक सेवा केंद्र (सीएससी) खोलकर वहां रोजगार की संभावनाएं तलाशेगा।
बलूनी के फैसले को कृषि राज्य मंत्री शेखावत का भी समर्थन मिला है।
उन्होंने इसे लेकर दो ट्वीट किए। पहले ट्वीट में उन्होंने पुनर्वासन के प्रयास के तहत गैर आबाद गांव को गोद लेने पर बलूनी का साधुवाद किया। अपने दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा कि कृषि मंत्रालय जल्द ही बौर गांव के लिए विशेषज्ञों की एक टीम गठित करेगा। इस टीम को बौर गांव में भेजा जाएगा जो वहां कृषि, बागवानी, पुष्प कृषि की संभावनाओं का पता लगाएगी। गांव की मिट्टी की जांच भी करेगी।
पौड़ी में सबसे अधिक गैर आबाद गांव
राज्य पलायन आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में पौड़ी जिले में सबसे अधिक 186 गैर आबाद गांव हैं। जिले में 182 ऐसे गांव हैं जहां 50 फीसदी आबाद पलायन कर चुकी है। इनके अलावा 77 गैर आबाद गांवों के साथ बागेश्वर दूसरे और 75 गांवों के साथ पिथौरागढ़ तीसरे स्थान पर है। अल्मोड़ा में 57 गांव गैर आबाद है।