फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राहत: चीन सीमा क्षेत्र में सेना-बीआरओ के वाहनों की आवाजाही होगी आसान, बाईपास बनने से यात्रियों को भी मिलेगा फायदा

Mon, 18 Jul 2022 03:07 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, गोपेश्वर

सार

 चारधाम यात्रा के दौरान बदरीनाथ धाम में वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। देश के अंतिम गांव माणा के साथ ही चीन सीमा क्षेत्र में जाने वाले सेना व बीआरओ के वाहन भी जाम में फंस जाते हैं। कई बार धाम में दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है, लेकिन चीन सीमा क्षेत्र में जाने वाले सेना और बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) के भारी वाहनों की आवाजाही अब सुगम हो जाएगी।
विज्ञापन
बदरीनाथ धाम में नवनिर्मित बाइपास - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चीन सीमा क्षेत्र में जाने वाले सेना और बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) के भारी वाहनों की आवाजाही अब सुगम हो जाएगी। बदरीनाथ मास्टर प्लान के तहत बदरीनाथ धाम में बाईपास मार्ग के प्रथम चरण का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। यहां नर पर्वत की तलहटी में देवदर्शनी जैन धर्मशाला से माणा बस अड्डा (1.75 किमी) तक बाईपास सड़क पर हिल कटिंग का कार्य पूरा हो गया है।

विज्ञापन


सड़क पर वाहनों की आवाजाही का ट्रायल भी सफल रहा। अब दूसरे चरण में डामरीकरण के बाद मार्ग पर नियमित वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। चारधाम यात्रा के दौरान बदरीनाथ धाम में वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। देश के अंतिम गांव माणा के साथ ही चीन सीमा क्षेत्र में जाने वाले सेना व बीआरओ के वाहन भी जाम में फंस जाते हैं। कई बार धाम में दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।

मास्टर प्लान के तहत सबसे पहले बाईपास मार्ग निर्माण का प्रस्ताव रखा गया। इसी वर्ष अप्रैल माह में बाईपास मार्ग का निर्माण शुरू हुआ था। मात्र तीन माह में ही 1.75 किलोमीटर मार्ग का निर्माण पूरा हो गया है। दिल्ली की गावर कंस्ट्रक्शन कंपनी की ओर से निर्माण करवाया गया।

विज्ञापन

माणा गांव जाने वाले वाहनों की आवाजाही भी इसी मार्ग से होगी

जोशीमठ की एसडीएम कुमकुम जोशी ने बताया कि बाईपास मार्ग पर वाहनों की आवाजाही का ट्रायल सफल रहा। अब डामरीकरण के बाद इस सड़क से सेना, बीआरओ के भारी वाहनों की आवाजाही होगी, जिससे बदरीनाथ धाम में वाहनों का दबाव कम हो जाएगा।  नगर पंचायत बदरीनाथ के अधिशासी अधिकारी सुनील पुरोहित ने बताया कि बदरीनाथ बाईपास मार्ग के निर्माण से धाम में जाम की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी। माणा गांव जाने वाले वाहनों की आवाजाही भी इसी मार्ग से होगी।

ये भी पढ़ें...पत्नी को दी बेरहमी से मौत: बच्चों के साथ रात में सोई थी मां, बेदर्दी से पति ने घोंट दिया गला, फिर किया कबूलनामा
विज्ञापन

अब बदरीनाथ धाम परिसर में होंगे कार्य

बदरीनाथ मास्टर प्लान के द्वितीय फेज का अधिकांश काम बदरीनाथ मंदिर परिसर के आसपास होगा। बदरीनाथ मंदिर से 75 मीटर एरिया में भवन हटाए जाएंगे। अधिग्रहण पॉलिसी बनने के बाद भूमि व भवनों का अधिग्रहण शुरू किया जाएगा। यहां ब्रह्मकपाल, ऋषि गंगा और ब्रह्मकमल होटल के समीप तीन जगहों पर अलकनंदा पर पुल निर्माण, धाम परिसर के समीप ही आठ आवासीय परिसर स्थापित करना प्रस्तावित है। मंदिर के आसपास भवनों के ध्वस्तीकरण के बाद प्रभावित परिवारों को धर्मशालाओं में शिफ्ट किया जाएगा। प्रभावित परिवारों को इसका मुआवजा दिया जाएगा। मुआवजा न लेने पर उन्हें समतुल्य आवास आवंटित किया जाएगा। 50 दुकानदारों के लिए अस्थायी दुकानों की व्यवस्था भी की जाएगी। बदरीनाथ मास्टर प्लान के कार्य तीन फेज में पूर्ण होंगे। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें