दो एटीएस बनाने पर मिलेंगे पांच करोड़
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने उत्तराखंड को चार एटीएस बनाने की जिम्मेदारी दी थी। इसमें यह प्रावधान भी थे कि अगर दो टेस्टिंग स्टेशन निर्धारित समयावधि में बने तो पांच करोड़ और चारों बन गए तो 10 करोड़ की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। दो स्टेशन समय से बनाए जा चुके हैं, जिसके तहत परिवहन विभाग ने वित्त को प्रोत्साहन राशि का प्रस्ताव भेज दिया है। मार्च तक बाकी दो भी पूरे हो गए तो पांच करोड़ की रकम और मिलेगी। संयुक्त परिवहन आयुक्त एसके सिंह ने बताया कि हरिद्वार और हल्द्वानी में एटीएस बनाने को लाइसेंस दिए जा चुके हैं। पीपीपी मोड में बाकी एटीएस के लिए भी प्रयास चल रहे हैं। कुल मिलाकर अगले साल मार्च तक प्रदेश में छह बड़े एटीएस तैयार हो जाएंगे।
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टेस्टिंग स्टेशन के लिए ज्यादा भूमि की जरूरत होती है लेकिन पर्वतीय क्षेत्रों में इतनी जमीन नहीं होती। लिहाजा, हमने तय किया है कि पर्वतीय क्षेत्रों में हर जिले में छोटे एटीएस बनाएंगे ताकि वहां के लोगों को अपने वाहनों की अगले साल से अनिवार्य होने जा रही ऑटोमेटेड जांच के लिए मैदानी क्षेत्रों में न आना पड़े। -अरविंद सिंह ह्यांकी, सचिव एवं आयुक्त, परिवहन