प्रसवोत्तर अवसाद के मुख्य कारण
चिकित्सक के अनुसार घर की कमजोर आर्थिक स्थिति, घरेलू हिंसा, पति-पत्नी के बीच खराब रिश्ते, लड़की का पैदा होना आदि प्रसवोत्तर अवसाद के मुख्य कारण हो सकते हैं। अस्पताल की ओपीडी में हर सप्ताह चार से भी अधिक ऐसे मामले आते हैं।
पोस्टपार्टम मनोविकृति विकार अधिक गंभीर
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के साइकेट्री विभाग के अध्यक्ष डॉ. रवि गुप्ता के मुताबिक प्रसव के बाद पोस्टपार्टम मनोविकृति विकार सबसे अधिक गंभीर होता है। इसकी चपेट में आई महिलाएं आक्रामक हो सकती हैं। जबकि पोस्टपार्टम अवसाद में महिलाएं चिड़चिड़ी और उदासीन हो जाती हैं। वहीं पोस्टपार्टम ब्लूज को माइल्ड अवसाद की श्रेणी में रखा गया है। चिकित्सक के अनुसार तीनों तरह के अवसाद की पहचान क्लीनिकल जांच में ही होती है।
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बचाव के उपाय
1- अन्य माताओं से बात करें।
2- पोषणयुक्त आहार लें।
3- यथार्थवादी अपेक्षाएं रखें।
4- परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताएं।