अपने बेटे की मौत का राज जानने के लिए 75 वर्षीय बूढ़ी मां लगातार पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कराने के लिए भटकती रही, पर मुकदमा दर्ज नहीं हो सका। इतने साल तक वह कोशिश में लगी रही। अब जाकर उसकी अर्जी स्वीकारी गई। किस पर बताया शक पढ़िए..
10 माह बाद एक बूढ़ी विधवा मां अपने बेटे की हत्या का मुकदमा दर्ज करा पाई है। न्यायालय के आदेश पर पुलिस
ने यह मुकदमा दर्ज किया है। दर्ज मुकदमे में वृद्धा ने अपनी बहू सहित दो लोगों को नामजद किया है। मुकदमे के
आधार पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
गंगनहर कोतवाली अंतर्गत पनियाला चंदापुर गांव निवासी बिंदर पुत्र स्व. धर्मपाल का शव 21 अक्तूबर 2016 गांव में
स्थित एक तालाब में पड़ा मिला था। तालाब से शव निकालने के बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया था। बाद
मृतक बिंदर की बूढ़ी मां कमला देवी ने गंगनहर कोतवाली पहुंचकर बताया था कि उसके बेटे की मौत सामान्य नहीं
है।
उसकी बहू यानी बिंदर की पत्नी नरेशो ने अपने गांव के ही कल्लू निवासी पनियाला के साथ मिलकर उसके बेटे
की हत्या की है। उन लोगों ने पहले बिंदर को शराब पिलाई थी। शराब पीने के बाद जब वह बेहोश हो गया तो गला
घोंटकर उसकी हत्या कर दी। साथ ही उसके शव को तालाब में फेंक दिया।