नैनीताल जिले में ओखलकांडा ब्लॉक के पतलिया (भीड़ापानी) गांव में डेढ़ साल के बेटे को जहर देने के बाद एक मां ने खुद भी जहर खाकर आत्महत्या कर ली।
राजस्व पुलिस ने दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए नैनीताल भेज दिए हैं। जानकारी के मुताबिक पतलोट के डालकन्या गांव निवासी भावना (23) पुत्री हरीश भट्ट का विवाह वर्ष 2011 में पतलिया भीड़ापानी निवासी केशव दत्त मेलकानी से हुआ था।
केशव दत्त जंगल में लीसा निकालने के अलावा गांव में किसी के घर में चौकीदारी करता है। शनिवार देर रात पतलिया पट्टी के पटवारी पूरन चंद्र सनवाल को सूचना मिली कि पतलिया गांव में भावना ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली।
सूचना मिलने पर तहसीलदार नवाजिस खलिक, पटवारी पूरन सनवाल और मोहम्मद शकील देर रात गांव में पहुंचे तो वहां कमरे में भावना के साथ ही उसके डेढ़ साल के पुत्र खिलेश का शव भी पड़ा था। राजस्व पुलिस का मानना है कि भावना ने पहले अपने बेटे को जहर दिया होगा और उसके बाद खुद भी जहर खाकर आत्महत्या कर ली होगी।
राजस्व पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नैनीताल भेज दिए हैं। प्रारंभिक पूछताछ के बाद पटवारी सनवाल ने बताया कि मृतका का बड़ा बेटा अपने दादा दादी के साथ गांव में ही दूसरे मकान में रहता है। उन्होंने बताया कि घटना के वक्त महिला का पति घर पर नहीं था और वह जंगल में लीसा निकालने गया हुआ था।
लौटने पर उसे घटना की जानकारी हुई। उन्होंने बताया कि मौत के कारणों का अभी पता नहीं चला है। अलबत्ता, परिजनों से पूछताछ की जा रही है। सूचना मिलने के बाद मृतका के मायके पक्ष के लोग भी मौके पर पहुंच गए थे।
मायके पक्ष की ओर से खबर लिखे जाने तक राजस्व पुलिस को किसी के खिलाफ कोई तहरीर नहीं दी गई थी। अलबत्ता, महिला के पिता हरीश भट्ट ने अपनी बेटी के ससुरालियों पर उसका उत्पीड़न का आरोप लगाया है और ससुरालियों को ही उनकी बेटी और नाती की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
भट्ट का आरोप है कि दस माह पहले भी जब केशव दत्त ने भावना के साथ मारपीट की थी तो वह कुछ ग्रामीणों के साथ पतलिया गांव गए थे जहां ग्राम प्रधान की मौजूदगी में समझौता हुआ था।
तब केशव दत्त ने कहा था कि वह भविष्य में भावना का उत्पीड़न और मारपीट नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने पट्टी पटवारी को लिखित रूप में भी सूचना दे दी है।