उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने समाज के सभी वर्गों को सामाजिक सुरक्षा दिए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि समाचार पत्र वितरकों, मेडिकल रिप्रजेंटेटिव समेत समाज के अन्य सभी महत्वपूर्ण वर्गों को इसका लाभ देने की शुरूआत की गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य में समाचार पत्र वितरकों के लिए टीन शेड, रेनकोट और साइकिल की व्यवस्था भी करेगी। मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा की पहल करने के लिए अमर उजाला का आभार भी जताया। रविवार को ईसी रोड स्थित वैडिंग प्वाइंट में उत्तराखंड कामगार महासंघ ने मुख्यमंत्री हरीश रावत का अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किया।
महासंघ की अध्यक्ष आशा मनोरमा डोबरियाल शर्मा ने बुके भेंटकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाचार पत्र वितरकों, एमआर समेत समाज के अन्य वर्गों की समस्याओं का भी बैठकर हल निकाला जाएगा। प्रत्येक बुजुर्ग महिला और पुरुष को पेंशन योजना में शामिल कर सुरक्षा प्रदान की गई है।
सभी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए एमएसबीवाई का दायरा बढ़ाया जा रहा है। पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष दीनानाथ सलूजा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया प्रभारी सुरेंद्र अग्रवाल, विवेक मनोरमा डोबरियाल शर्मा, एमआर एसोसिएशन के दीपक शर्मा, आरके धारनी, आनंद चंद रमोला, जगदीश रौतेला, कुलदीप डोबरियाल, राजेन्द्र शाह, गरिमा दशोनी, रीना सिंघल, पायल बहल आदि मौजूद रहे।
हरिद्वार-रुड़की से भी पहुंचे वितरक
कार्यक्रम में राजधानी के साथ ही रूड़की, ज्वालापुर और ऋषिकेश से भी बड़ी संख्या में समाचार पत्र वितरक पहुंचे। नेहरू कॉलोनी से राजेश पाल, राजकुमार, अजय शर्मा, अतुल शर्मा, दुर्गेश गैरोला, मोहन सिंह बिष्ट व जितेंद्र तेलवाल, निरंजनपुर से हरीश आनंद, भगत, बीएस रावत, देवेंद्र, नरेंद्र जुयाल, कमल राणा, पलटन बाजार से राजवीर त्यागी, हरप्रीत सिंह, ललित जोशी, प्रदीप रतूड़ी, रमेश चंद्र, यशपाल धवन, विजय गुप्ता, राजकुमार तिवारी, सीएम भट्ट, डीएम तिवारी, रूड़की से अतर सिंह, केदार, संजय शर्मा, विनोद शर्मा, जयकिशन, ज्वालापुर से सुभाष व सलीम और ऋषिकेश से शिवम, पन्नालाल, पप्पू जैन व ललित समेत बड़ी संख्या में समाचार पत्र वितरक मौजूद रहे।
समाज भी निभाए अपनी भूमिका
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि सब कुछ करने के लिए सरकार का मुंह तांकना बिल्कुल ठीक नहीं है। सबके घरों में पुराने गर्म कपड़ों के ढ़ेर लगे हैं। लेकिन किसी को ठंड से ठिठुरते देखते हैं तो इसका ठीकरा सरकार के सिर फोड़ते हैं।
सरकार को अलाव जलाने तक के लिए निर्देश देने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि आजकल सोशल वर्कर केवल बयानबाजी और अखबारों में फोटो छपवाने तक सीमित हैं।
फिर कहेंगे सीएम ने जाम लगाया
मुख्यमंत्री ने अतिक्रमणकारियों पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में दो फीट आगे तक कब्जा तो सब अपना अधिकार समझते हैं। उसके आगे लोग अपना स्कूटर खड़ा कर देते हैं। फिर जाम लगता है तो कहते हैं कि देखो सीएम ने जाम लगा दिया। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण के मुद्दे पर सभी को सोचना होगा।
उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जहां समाचार पत्र वितरकों को यह सम्मान मिला है। अमर उजाला की पहल पर ही उत्तर प्रदेश में यह कार्य प्रक्रियाधीन है। अमर उजाला की पहल पर समाचार पत्र वितरकों के लिए जो कुछ उत्तराखंड में हो रहा है, उससे मीडिया की नींव की ईंट समाचार पत्र वितरकों के पेशे को पहचान मिलेगी। यह पहला अवसर होगा जब सरकारी रिकॉर्ड में समाचार पत्र वितरकों के पेशे का नाम दर्ज होगा। इसके दूरगामी परिणाम होंगे और खत्म हो रहे इस पेशे में लोग आना चाहेंगे।
- अमर उजाला
22 को सभी सीएमओ कार्यालय में बनेंगे कार्ड
अमर उजाला की पहल पर समाचार पत्र वितरकों को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना में शामिल करने की कवायद शुरू हो गई। 22 दिसंबर को सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिसमें समाचार पत्र वितरकों के कार्ड बनाए जाएंगे।
प्रदेश के निम्न और मध्य वर्ग के लोगों को बेहतर व निशुल्क स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार ने एक अप्रैल 2015 से मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना की शुरूआत की। इसके तहत लाभार्थियों के कार्ड बनाए जाते हैं।
जिससे उन्हें सूची में शामिल निजी अस्पतालों में 50 हजार रुपए तक का निशुल्क उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। सरकार अब बीमा कवर बढ़ाकर पौने दो लाख करने जा रही है, जिसके बाद पौने दो लाख रुपए तक की धनराशि का उपचार करवाया जा सकेगा।
अमर उजाला ने इस योजना में समाचार पत्र वितरकों को शामिल करने की पहल की। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने तत्काल अमर उजाला की इस मुहिम का समर्थन किया और समाचार पत्र वितरकों को भी योजना में शामिल करने के निर्देश दिए।
जिसके बाद प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ओमप्रकाश ने सभी सीएमओ को 22 दिसंबर को अपने-अपने कार्यालयों में शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। शिविर में हॉकरों को अपने सभी दस्तावेजों के साथ पहुंचना होगा।