राजधानी और आसपास के इलाकों में साल दर साल खतरनाक हो रहे प्रदूषण के स्तर की मॉनीटरिंग को लेकर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के विशेषज्ञ सतर्क हो गए हैं।
बारीकी से मॉनीटरिंग को राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में अत्याधुनिक प्रदूषणमापी यंत्र लगाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए क्षेत्र चिह्नित किए जा रहे हैं। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से फिलहाल दून अस्पताल के पास, रायपुर और नेहरू कॉलोनी में अत्याधुनिक यंत्र लगाए गए हैं।
इनके माध्यम से पीएम-10 और पीएम-2.5 की मॉनिटरिंग की जा रही हैं। लेकिन जिस तरीके से राजधानी में तेजी से वाहनों की संख्या बढ़ रही है उससे दून का प्रदूषण स्तर साल दर साल तेजी से बढ़ रहा है। इससे विशेषज्ञ परेशान हैं।
जरूरत महसूस की जा रही है कि राजधानी के कई इलाकों में प्रदूषणमापी यंत्र लगाकर इसकी मानीटरिंग की जाए, ताकि साल दर साल बढ़ते प्रदूषण को रोकने को कारगर कदम उठाए जा सकें। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अमित पोखरियाल ने बताया कि दून के कई क्षेत्रों में अत्याधुनिक उपकरण लगाने की योजना है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है। मंजूरी मिलते ही उपकरण लगा दिए जाएंगे।