हरिद्वार के एसएसपी राजीव स्वरूप के तबादले के बाद जिले के प्रशासनिक हल्कों में हलचल मची हुई है। प्रशासनिक फेरबदल की संभावनाएं तो काफी दिन से जताई जा रही हैं लेकिन एसएसपी के तबादले के बाद चर्चा और तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि एक-दो दिन में इस पर फैसला हो जाएगा।
तबादला था तय
प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन के साथ ही हरिद्वार में पुलिस और प्रशासनिक फेरबदल तय माना जा रहा था। शासन से जुड़े लोग तो यहां तक कह रहे थे कि पुलिस और प्रशासनिक फेरबदल एक ही दिन किया जा सकता है।
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शासन स्तर पर फेरबदल की प्रक्रिया चल रही थी कि इसी बीच वकीलों और ग्रामीणों के बीच मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया। बताया जाता है कि सरकार एसएसपी को हटाने का निर्णय तो पहले ही ले चुकी थी। वकीलों के आंदोलन ने सरकार को एक बहाना दे दिया।
प्रशासनिक अफसरों की बारी
एसएसपी के तबादले के बाद अब प्रशासनिक अफसरों की बारी बताई जा रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी की तो जिले से विदाई तय मानी जा रही है। हरीश रावत गुट के कांग्रेसी पहले ही इस अधिकारी के खिलाफ लाबीइंग कर चुके हैं।
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युवा कांग्रेस के एक नेता ने तो इस अधिकारी के खिलाफ सीधा मोर्चा भी खोल दिया था। तब बात टल गई थी लेकिन अब सरकार की ओर से इस पर कोई निर्णय लिए जाने की संभावना बन रही है।
तबादला रुकवाने को पंडित जी की सिफारिश
एक प्रशासनिक अधिकारी ने अपना संभावित तबादला रुकवाने के लिए एक पंडित जी की सिफारिश लगाई है। शहर में चर्चा है कि इन पंडित जी ने एक कांग्रेस नेत्री की शादी कराई थी। अधिकारी ने पंडित जी को ढूंढ निकाला। पंडित जी के माध्यम से प्रभावशाली कांग्रेस नेत्री तक पहुंचे और फिर नेत्री के माध्यम से सीएम दरबार में दरख्वास्त लगाई।