कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा और जस्टिस मनोज तिवारी की बेंच ने कहा कि कृषि को बचाने के लिए आवश्यक है कि किसानों को फसल की उचित कीमत सही समय पर दी जाय और कर्ज के कारण आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों को पेंशन दी जानी चाहिए।
कोर्ट ने कहा कि प्रदेश में इन सब कारणों से कृषि की हालत इतनी गंभीर हो चुकी है कि बीते वर्षों में अल्मोड़ा से 36401, पौड़ी से 35654, टिहरी से 33689, पिथौरागढ़ से 22936, देहरादून से 20625, चमोली से 18536, नैनीताल से 15075, उत्तरकाशी से 11710, चंपावत से 11281, रुद्रप्रयाग से 10970 और बागेश्वर से 10073 कृषक पलायन कर चुके हैं।
कोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक पर्वतीय क्षेत्र से पलायन करने वाले कृषकों की संख्या दो लाख 26 हजार 950 हो चुकी है।