दिल्ली विश्वविद्यालय से लॉ कर रही एक युवती से छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी के मामले में पुलिस ने उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
दक्षिण जिले के सफदरजंग एंक्लेव थाना पुलिस ने पीड़िता के बयान पर रावत को नामजद किया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने रावत को नामजद किए जाने की पुष्टि की है।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार मूलरूप से मुजफ्फरनगर की रहने वाली 30 वर्षीय युवती दिल्ली के रोहिणी इलाके में रहती है।
युवती ने 22 फरवरी को शाम करीब पौने पांच बजे सफदरजंग एंक्लेव थाने में उससे छेड़छाड़ करने और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत दी थी।
सितम्बर 2013 में हुई थी घटना
शिकायत में युवती ने बताया कि उसके साथ घटना सितंबर, 2013 को हुई थी। मामला पुराना होने के कारण पुलिस तीन दिन तक जांच करती रही। तफ्तीश के बाद मंगलवार शाम को मामला दर्ज कर लिया।
युवती ने अपनी शिकायत में कहा वह सितंबर, 2013 को मंत्री हरक सिंह रावत से उनके ग्रीन पार्क स्थित घर मिलने गई थी। यहां मंत्री ने उसे एक कमरे में बुलाया और उसके साथ अश्लील हरकतें की।
मंत्री की हरकतों से वह बहुत ज्यादा डर गई थी। इस कारण वह वहां से भाग गई थी। करीब छह महीने बाद शिकायत देने के बारे में युवती का कहना है कि वह बहुत ज्यादा डर गई थी और बदनामी के डर से मामले को पुलिस के पास नहीं ले जाना चाहती थी।
रावत की गिरफ्तारी से जुड़े सवाल पर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पहले मामले की तफ्तीश की जाएगी। इसके बाद गिरफ्तारी पर विचार किया जाएगा।
पहले भी लगते रहे हैं हरक पर दाग
हरक सिंह रावत अपने लंबे राजनीतिक सफर में विपरीत परिस्थितियों में भी जमे रहे हैं लेकिन महिलाओं से जुड़े प्रकरणों ने उनका राजनीतिक जीवन दागदार भी हुआ है।
प्रदेश की पहली निर्वाचित एनडी तिवारी सरकार में हरक राजस्व मंत्री थे। तब एक महिला का नाम हरक सिंह से जुड़ा और राजनीतिक दबाव में उन्हें इस्तीफा देना ही पड़ा। हालांकि इस मामले में सीबीआई ने जांच में उन्हें क्लीन चिट भी मिली।
करीब एक साल पहले एक गायिका व टीवी एंकर के साथ भी हरक सिंह रावत का नाम जोड़ा गया। तब भी विपक्ष ने इसे मुद्दा बना उन्हें घेरना चाहा। विपक्ष ने मुद्दा तो उठाया लेकिन पीड़िता के सामने न आने से हरक बच निकले।
हरक सिंह पर लगे दाग अच्छे नहीं
उत्तराखंड सरकार के मंत्री हरक सिंह रावत पर लगा दाग अच्छा नहीं है। इस बार मामला गंभीर नजर आ रहा है। साथ ही राजनीतिक समीकरण भी बदले हैं। पहले हरक को एनडी का सपोर्ट मिला था लेकिन इस बार देखना यह है कि हरीश दस जनपथ में इस मामले को कैसे पेश करते हैं।
कानूनी आधार पर भले ही उन पर लगा आरोप साबित न हुआ हो लेकिन नैतिकता के आधार उन्हें इस्तीफा भी देना पड़ सकता है। पंचायत और लोकसभा चुनाव के मद्देनजर विपक्ष इस मामले पर सरकार को जरूर घेरेगी।
हरक के इस्तीफें की मांग ने जोर पकड़ा
भाजपा नेता रविंद्र जुगरान ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर हरक सिंह रावत को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हरक के कारनामों की वजह से देश भर में प्रदेश की छवि खराब हो रही है, इसलिए उन्हें तत्काल हटाना ठीक होगा।
जुगरान ने यह पड़ताल करने की मांग भी की है कि जो मंत्री कुछ साल पहले निशंक के साथ स्कूटर पर घूमता था अब उसके पास इतनी दौलत कहां से आ गई। इसकी जांच होनी चाहिए।
हरक सिंह रावत को तत्काल मंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। यह साधारण मामला नहीं है। एक युवती ने मंत्री के खिलाफ मुकदमा कायम कराया है। यदि उन्हें नैतिकता की जरा भी समझ है, तो तत्काल मंत्रिमंडल से हट जाना चाहिए। पूरा विपक्ष इसकी मांग करता है और देहरादून में शिक्षा मित्रों पर हुए लाठीचार्ज की भी निंदा करता है।
-अजय भट्ट, नेता प्रतिपक्ष
'ब्लैकमेल कर रही थी लड़की'
हरक सिंह रावत ने महिला पर खुद को ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। हरक ने कहा कि उनके खिलाफ साजिश की जा रही है।
आरोप बेबुनियाद हैं और साजिशन मुझे फंसाया जा रहा है। 5-6 महीने पहले भी इस मामले में मुझे ब्लैकमेल किया जा रहा था। जिसकी जानकारी मैंने तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू को दी थी।
लड़की खनन का पट्टा चाहती थी जिसके लिए वह दबाव बना रही थी। लड़की मेरे पास मेरठ के एक नेता की सिफारिश लेकर आई थी। इस संबंध में एक बार देहरादून के मधुबन होटल में भी उसने मुलाकात की थी। कई बार फोन करके भी दबाव बनाना चाहा। बाद में ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। युवती की ओर से किसी हरेन्द्र नाम के व्यक्ति ने भी संपर्क कर मोटी रकम की मांग की थी। इसकी जानकारी पुलिस को दे दी गई थी।
-हरक सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री