देश की आजादी के नायक राष्ट्रपिता स्व. महात्मा गांधी के नाम को राजनीतिक दलों ने सिर्फ अपनी राजनीति के लिए इस्तेमाल किया है।
भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान 1929 में कुमाऊं के क्रांतिकारियों में जोश भरने के लिए बापू ने अपने साथी क्रांतिकारी खान अब्दुल गफ्फार खां के साथ ताड़ीखेत में तीन दिन तक प्रवास किया था।
बताते हैं कि ताड़ीखेत के स्थानीय लोगों ने उनके लिए सिर्फ एक रात में कुटिया बनाई, लेकिन यह कुटिया वर्तमान में उपेक्षित है। 80 साल बाद भी गांधी जी की धरोहर ऑल इंडिया गांधी फाउंडेशन में तक शामिल नहीं की गई।
प्रख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. मदन मोहन उपाध्याय के पुत्र हिमांशु उपाध्याय बताते हैं कि कुमाऊं दौरे पर गांधी जी ने साथियों के साथ प्रेम विद्यालय में सल्ट, भिकियासैंण सहित पूरे रानीखेत उपमंडल के आजादी के दिवानों की बैठकें ली थी।
फाउंडेशन में कुटिया को नहीं मिली जगह
हिमांशु उपाध्याय बताते हैं कि बापू ने उन्हें आजादी की लड़ाई लड़ने की रणनीति भी बताई थी। इसके बाद राष्ट्रपिता कौसानी चले गए। हालांकि गांधी कुटिया को ठीक तो किया गया, लेकिन असामाजिक तत्वों ने बार-बार इसे तोड़कर नुकसान पहुंचाया है।
कुटिया को जोड़ने वाला मार्ग ताड़ीखेत-पथुली भी ठीक हालत में नहीं है। ऑल इंडिया गांधी फाउंडेशन में पूरे देश में गांधी जी ने जिन-जिन स्थानों पर प्रवास किया था, उन स्थलों को फाउंडेशन में शामिल किया जाता है।
प्रवास स्थल की देखरेख की जिम्मेदारी फिर फाउंडेशन की हो जाती है, लेकिन ताड़ीखेत गांधी कुटिया को इस फाउंडेशन में आज तक जगह नहीं मिल सकी है।
मैंने दो बार कुटिया का जीर्णोद्धार करवाया था, पर असामाजिक तत्व इसे नुकसान पहुंचाते रहे। कुटिया को भव्य स्वरूप देने, यहां गांधी जी की लाइब्रेरी स्थापित करने के लिए प्रदेश सरकार से वार्ता की गई है। कुटिया आल इंडिया फाउंडेशन में शामिल हो इसके लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
- करन माहरा पूर्व विधायक
फिर टल गई स्वास्थ्य बीमा योजना
उत्तराखंड की समूची आबादी को स्वास्थ्य बीमा कवर के अधीन लाने की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना (एमएसबीवाई) दूसरी बार टल गई है।
पहले योजना स्वतंत्रता दिवस पर लांच होनी थी, जिसके घोषणा सीएम ने जून माह में की थी। 15 अगस्त को सीएम ने एमएसबीवाई को गांधी जयंती पर शुरू करने की घोषणा की जो एक बार फिर टल गई है।
सीएम हरीश रावत दो बार महत्वाकांक्षी योजना की लांचिंग की तिथि घोषित कर चुके हैं। योजना की प्रगति पर बुधवार को सीएम हरीश रावत के समक्ष स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति रखी।
महकमा योजना के सफलतापूर्वक लाचिंग के लिए मोहल्लत चाहता है, जिससे योजना लांच करने के बाद लाभार्थियों को कोई दिक्कत नहीं आए। अब महकमा योजना की लांचिंग के लिए 1 जनवरी तक का समय चाहता है, जिसपर सीएम ने सहमति जताई है।
क्या है योजना
केंद्र की राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना की तर्ज पर एमएसबीवाई है। योजना के तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के दायरे में नहीं आने वाले सभी नागरिक आएंगे।
इस योजना का लाभ यह है कि प्रत्येक परिवार को एक हेल्थ कार्ड बनेगा, जिसकी मदद से किसी भी निजी अस्पताल में 30 हजार रुपए तक के इलाज की सुविधा बिना कैश दिए हो सकेगी।