फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोहन भागवत बोले- भारत में रहने वाले हरेक नागरिक के पूर्वज हिंदू

Tue, 12 Sep 2017 09:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार/बहादराबाद
विज्ञापन
मोहन भागवत - फोटो : SELF
विज्ञापन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे किसी भी तरह का विवाद पैदा न करें। कम कोई भी ऐसा काम न करें जो समाज विरोधी हो। हम सबको साथ लेकर एक महान देश बनाने में जुटे हैं।  
विज्ञापन


मोहन भागवत सोमवार को पांच दिन से पतंजलि योगपीठ के सभागार में धर्म जागरण समन्वय समिति की ओर से आयोजित साधु साध्यम समागम कार्यक्रम में उपस्थित संतो को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि  अहंकार कट्टरता पैदा करता है।  लालच और स्वार्थ से किए गए कार्य कभी सफल नहीं होते।

उन्होंने कहा कि भारत में रहने वाले हरेक नागरिक के पूर्वज पूर्व में हिंदू ही रहे हैं। पूरे विश्व में एक ही धर्म है बाकी सब संप्रदाय हैं। हम धर्मांतरण के विरोधी हैं लेकिन जो हमारे साथ मिलना चाहता है उसके लिए हमारे दरवाजे हमेशा खुले हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि विवाद में ना पड़े और अपनी इच्छा के अनुसार अपने देश के मान और सम्मान की रक्षा के  हमेशा तैयार रहें। सबको साथ लेकर  चलने का मंत्र देते हुए उन्होंने कहा कि धर्म जागरण का काम निरंतर चलता रहना चाहिए। मानवता से देवतत्व की ओर बढ़ाना ही हमारा कार्य है।
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर के हालात पर भी बोले भागवत

माोहन भ्‍ाागवत - फोटो : अमर उजाला ब्‍यूूराो
जम्मू- कश्मीर के हालात के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज कुछ ऐसे लोग जो पहले जम्मू कश्मीर को छोड़ चुके हैं वापस लौटना चाह रहे हैं लेकिन कुछ लोग उनका विरोध कर रहे हैं जो ठीक नहीं है। अपने घर लौटने का सबको अधिकार है, लोकतंत्र में सभी काम कानून की सहमति से होने चाहिए।  

संतों से देश का नेतृत्व करने का आग्रह करते हुए कहा भागवत ने कहा कि संतों को समाज को एकजुट होकर आगे लेकर आना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश बदल रहा है और अनुभवी व्यक्तियों के साथ तेजी से मजबूत भी हो रहा है।  संघ को उन्होंने देश और समाज के लिए समर्पित बताया।
  
योगऋषि स्वामी रामदेव ने कहा कि संत हमारी संस्कृति के प्राण हैं। संपूर्ण मानवता के पथ प्रदर्शक हैं। इनकी जीवन शैली से देश के करोड़ों नागरिक प्रेरणा और प्रकाश पाते हैं। उन्होंने  कहा कि संत सम्मेलन में पांच दिन चला यह मंथन देश की इस महान परंपरा की रीति-नीति तय करेगा। उन्होंने कहा मोहन भागवत ने संघ के साथ-साथ संस्कृति की गरिमा को बढ़ाया है।
विज्ञापन

अभी तो मैं सिफ तीन साल का हूं

mohan bhagwat
सरसंघचालक मोहन भागवत का पंतजलि में जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर पंतजलि योगपीठ की ओर से विदुषियो ने मंगल गीत गाकर उन्हें जन्मदिन की बधाई दी। मोहन भागवत के जन्म उत्सव पर पंतजलि योग पीठ के संस्थापक स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने महामंडलेश्वर गोविंद रामगिरी को एक करोड का चेक मोहन भागवत के हाथ से दिलाया।

यह चेक 30 वैदिक विद्यालय चलाने के लिए सहयोग राशि के रूप में दी गई। वही मोहन भागवत ने अपने भाषण के दौरान कहा की अंग्रेजी तारीख के हिसाब से मेरा जन्मदिन आज है लेकिन तिथि के हिसाब से मैं लगभग 1 माह पूर्व अमावस्या के दिन मेरा जन्मदिन था। उन्होंने कहा की अमावस्या में भी ऐसी तारीख को पैदा हुआ था जो 27 साल में सिर्फ एक बार आती है। इसलिए मैं अभी तीन साल का ही शिशु हूं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें