प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को करीब साढ़े चार बजे मुनिकीरेती के शीशमझाड़ी स्थित दयानंद आश्रम पहुंचे। उन्होंने अपने गुरु प्रख्यात संत दयानंद सरस्वती से मुलाकात की और उनकी कुशलक्षेम पूछी।
इस दौरान उन्होंने वहां केदारनाथ त्रासदी के दौरान आश्रम द्वारा गोद लिए गए बच्चों और आम जनता, साधु संतों से भी मुलाकात की। प्रधानमंत्री आश्रम में करीब 45 मिनट मौजूद रहे।
शुक्रवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दयानंद आश्रम पहुंचने से तकरीबन दस मिनट पहले मुख्यमंत्री हरीश रावत और राज्यपाल डा. केके पॉल उनकी अगवानी के लिए पहुंचे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। आश्रम सूत्रों के अनुसार पीएम यहां आम जनता से भी मिले। बच्चों को ऑटोग्राफ दिए।
गुरुदेव ने पूछा, गरीबों के लिए क्या कर रहे हो?
बच्चों से बातचीत के बाद प्रधानमंत्री अस्वस्थ चल रहे स्वामी दयानंद सरस्वती के पास पहुंचे और उनकी कुशलक्षेम पूछी। पीएम ने गुरु से आशीर्वाद मांगा। वह लगभग 25 मिनट गुरु दयानंद सरस्वती के सानिध्य में रहे। आश्रम परिसर में तकरीबन 45 मिनट बिताने के बाद प्रधानमंत्री चले गए।
निभाऊंगा वादा
गुरु दयानंद सरस्वती ने मुलाकात के दौरान पीएम मोदी से पूछा कि वे देश के विकास के लिए क्या कर रहे हैं। जिस पर प्रधानमंत्री ने उन्हें बताया कि वे देश के विकास के लिए जनता से किए गए वादों को पूरा करने का हरसंभव प्रयासरत हैं।
आश्रम सूत्रों की मानें तो दयानंद सरस्वती के गरीबों के हित के लिए किए जा रहे प्रयासों के सवाल पर पीएम ने बिजली, आवास और शिक्षा नि:शुल्क दिए जाने की बात कही। प्रधानमंत्री ने गुरु के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
पीएम ने बच्चों से पूछा, क्या बनना चाहते हो?
दयानंद आश्रम पहुंचे पीएम ने आश्रम के करियर पब्लिक स्कूल के साथ ही केदारनाथ त्रासदी में आश्रम द्वारा गोद लिए गए बच्चों से मेल मुलाकात की और सवाल-जवाब किए। उन्होंने बच्चों को ऑटोग्राफ दिए।
वह बच्चों के पास गए और पूछा कि आप क्या बनना चाहते हो? आपमें सबसे शरारती कौन है? और सबसे सरल कौन है? आप गंगा बनना चाहते हो या हिमालय बनना चाहते हो? एक बच्चे ने जवाब दिया कि वह गंगा बनना चाहता है।