शिक्षक दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण सुनने के लिए प्रदेश के स्कूलों में भरपूर उत्साह नजर आया। स्कूली बच्चों ने गौर से प्रधानमंत्री की बात सुनी और उसे जिंदगी में ढालने की बात कही।
कुछ बच्चों को उनकी सीख पसंद आई तो कई को बचपन का शरारती अंदाज लुभा गया। कुछ स्थानों पर बदइंतजामी, पावर कट और तकनीकी गड़बड़ी ने बच्चों के धैर्य का इम्तिहान लिया। लेकिन इन सबके बावजूद बच्चों ने प्रधानमंत्री के भाषण को बड़े चाव से सुना।
उत्तराखंड में मोदी के लाइव भाषण को सुनाने की तैयारियां जोरों पर की गई थीं। सुबह से ही स्कूलों में टीवी और रेडियो की व्यवस्था होने लगी थी। स्कूलों में बच्चों के लिए नाश्ते की भी व्यवस्था भी की गई थी।
‘टीवी पंखे न चलाने की बात पसंद आई’
देहरादून। दून कैब्रिज स्कूल की आठवीं की छात्रा आकांक्षा नेगी ने कहा कि प्राइम मिनिस्टर को पहली बार बच्चों से बात करते देख बहुत अच्छा लगा। खासतौर से जब उनसे बच्चों ने सवाल पूछे और उन्होंने उनके जवाब दिए। मैंने मोदी जी की पूरी स्पीच सुनी है। इसी स्कूल की प्रियंका ने बताया कि पीएम ने कहा कि हमें देश हित में बिजली बचानी चाहिए। जरूरत न हो टीवी, पंखे नहीं चलाने चाहिए। मुझे यह बात बेहद पसंद आई।
बच्चों के साथ शिक्षकों ने भी पीएम के स्पीच को प्रेरणादायी माना। कहा कि इस तरह के कार्यक्रम छात्रों में उत्साह का संचार करते हैं। ज्यादातर लोगों का कहना था कि मोदी जी का इस तरह से बच्चों संवाद करना बहुत अच्छी पहल है। बच्चों का प्रधानमंत्री से संवाद उन्हें प्रेरणा देगा और जीवन में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देगा।
कुछ सुना, कुछ गुना, कुछ नोट किया
हरिद्वार/रुड़की। जिले में प्रधानमंत्री की ‘क्लास’ को लेकर छात्र और शिक्षक उत्साहित नजर आए। छात्र ही नहीं शिक्षकों ने भी मोदी के लेक्चर को न सिर्फ ध्यान से सुना बल्कि उनके द्वारा कही बातों को नोट भी किया।
कई जगह अव्यवस्थाओं ने खलल डाला। हरिद्वार के गढ़मीरपुर जूनियर हाईस्कूल में बाहरी बच्चों के घुसने पर करीब 100 स्कूली बच्चों को खाना नहीं मिल पाया। कई स्कूलों में इस दौरान ताले लटके रहे तो कई स्थानों पर बिजली ने खलल डाला।
कई जगहों पर बच्चों को मोदी का भाषण सुने ही वापस लौटना पड़ा। एक स्कूल में 600 बच्चों के बैठने की व्यवस्था की गई थी किंतु 1000 बच्चे आ गए जिससे अव्यवस्था फैलने लगी। नतीजतन कई सारे बच्चे बिना भाषण सुने ही वापस लौट गए।
गढ़वाल में कई जगहों पर बजा रेडियो
गढ़वाल। शिक्षक दिवस पर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लाइव संदेश सुनने के लिए गढ़वाल में विद्यार्थियों में खासा उत्साह रहा। दूरदराज पहाड़ी क्षेत्रों में भी जहां बिजली नहीं थी, वहां पर स्कूलों में रेडियो की व्यवस्था प्रधानमंत्री का संदेश बच्चों को सुनाया गया।
उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और पौड़ी जिले के कई ब्लॉकों में बच्चों ने रेडियो पर प्रधानमंत्री का भाषण सुना। उत्तरकाशी जिले के आपदा प्रभावित अठाली गांव में पीएम का भाषण सुनने के लिए सभी बच्चे स्कूल आए।
रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि में गिंवाला गांव में पूर्व प्रधान के घर पर बच्चों को टीवी दिखाया गया। थराली में कई स्थानों पर बिजली रोड़ा बनी। पूरे गढ़वाल क्षेत्र में बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रधानमंत्री के संबोधन को सुना।